Ranchi : राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चरम पर हैं. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी का समर्थन कर रही भाजपा अपने विधायकों को होटल में जुटा रही है. कांग्रेस प्रत्याशी रांची से पटना दौड़ रहे हैं. इस बीच झामुमो ने एक ट्वीट कर नया सिगूफा छोड़ दिया है. झामुमो ने लिखा है- 56 नहीं 61. इशारा साफ है कि इंडिया गंठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में सिर्फ 56 विधायक नहीं हैं, बल्कि 61 हैं. यानी एनडीए विधायक टूट चुके हैं.

JMM का किया ट्वीट
जीतेगा कौन, यह तो 18 जून को ही पता चलेगा लेकिन झामुमो के इस ट्वीट का एक मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि प्रणव झा की जीत के लिए कांग्रेस जितनी कोशिश कर रही है, झामुमो भी कर रहा है. उल्लेखनीय है कि शुरुआत में कांग्रेस ने विधायकों को होटल में शिफ्ट करने की बात की थी, तब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इससे इंकार कर दिया था. साफ है कि हेमंत सोरेन जिस रणनीति पर काम कर रहे थे, वह अब जमीन पर उतरने लगा है.
एक आकलन यह भी है कि भलें ही भाजपा के विधायक ना टूटे, लेकिन एनडीए के विधायक दगा दे सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो यह भी एक रिकॉर्ड बन जायेगा. रिकॉर्ड यह कि परिमल नाथवानी का अश्वमेध घोड़ा को झारखंड ने रोक दिया. अब तक वह जहां भी जाते हैं, राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बना करके रखा है.
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने अपने विधायकों को अगले दो दिनों तक के लिए होटल रेडिशन ब्लू में ठहराने की व्यवस्था की है. अभी तक सिर्फ दस विधायक ही पहुंचे हैं. सोमवार को हुई बैठक में भी एनडीए तो छोड़ियें भाजपा के ही सारे विधायक नहीं पहुंचे. एक विधायत के बीमार होने की तस्वीर सामने आई हैं. भाजपा की डर के कारण कल तक जीत रहे परिमल नाथवानी मंगलवार को कमजोर दिख रहे हैं. हालांकि यह सब दिखाना एक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है.
इंडिया गंठबंधन के विधायकों की संख्या 56 है. राज्यसभा चुनाव में जीतने के लिए 28 वोट लाना जरूरी है. इस लिहाज से अगर इंडिया गंठबंधन के विधायक एकजुट रहते हैं, तो इसके दोनों प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे. लेकिन जब मैदान में उद्योगपति परिमल नाथवानी कूदे तब इंडिया गंठबंधन के विधायकों के क्रॉस वोटिंग का अंदेशा जताया जाने लगा था. क्योंकि बिना क्रॉस वोटिंग के परिमल नाथवानी जीत ही नहीं सकते हैं.
सोमवार तक यह अंदेशा जताया जा रहा था कि राजद के विधायक परिमल नाथवानी को सपोर्ट कर सकते हैं. क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं या गायब रहकर मदद कर सकते हैं. लेकिन सोमवार की शाम पटना में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की तेजस्वी से हुई मुलाकात के बाद मामला उलटा नजर आने लगा है.
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