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राम मंदिर चंदा चोरी मामला, इलाहाबाद हाईकोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, पैसे गिनने वाली टीम बदली

याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने कोर्ट से गुहार  लगाई थी कि मामले को तत्काल सुना जाये. इस पर हाईकोर्ट का कहना था कि कोर्ट के पास  पहले से ही बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और ऐसे में इस याचिका को तत्काल सुनने का कोई औचित्य नहीं है.
 
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर

Ayodhya  : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज सोमवार को अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के चंदे की चोरी और  वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर तत्काल  सुनवाई करने से इंकार कर दिया.

 


खबरों के अनुसार जस्टिस पंकज भाटिया और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बैंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि  इस मामले में ऐसी कोई तात्कालिक वजह नहीं है, जिसके आधार पर इसे अन्य मामलों को दरकिनार कर पहले सुना जाये.

 


दरअसल याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने कोर्ट से गुहार  लगाई थी कि मामले को तत्काल सुना जाये. इस पर हाईकोर्ट का कहना था कि कोर्ट के पास  पहले से ही बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और ऐसे में इस याचिका को तत्काल सुनने का कोई औचित्य नहीं है.

 


एक खबर और है कि दान की चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के लोगों के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगा दी है, ट्रस्ट के  महासचिव चंपतराय से भी पूछताछ की गया है.

 


सूत्रों के अनुसार  एसआईटी  ने कहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाये. मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को सीईओ नियुक्त किया जाये. एसआईटी  ने जांच के लिए और समय दिये जाने  मंदिर प्रबंधन के लिए पेशेवर तरीका अपनाने की सलाह दी है.

 


इस क्रम में दानराशि की गणना का साप्ताहिक आडिट किये जाने,  मंदिर के प्रतिदिन के चढ़ावे की नकदी की इंट्री कराने की बात भी कही गयी है. साथ ही ट्रस्ट संचालन में सुप्रीम कोर्ट  के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने और सीसीटीवी कैमरों का डाटा स्टोरेज 45 दिन से बढ़ा कर 180 दिन तक किया जाने की सलाह दी गया है. 

 

 

नये नियम के तहत अब अयोध्या में दानपात्रों से नकदी निकालने और वहां से ले जाने की वीडियो ग्राफी की जायेगी. साथ ही राम मंदिर में दान के पैसों की गिनने  वाले लोग बदले गए हैं. बैंक ने भी पैसों की गिनती में शामिल टीम को बदला दिया है.

 

 

ड्रेस कोड सिस्टम सख्ती से लागू किया गया है.  अहम बात यह है कि बिना जेब के कपड़ों में काउंटिंग रूम में एंट्री होगी. काउंटिंग रूम से निकलते हुए कर्मचारियों की स्क्रीनिंग होगी. CCTV की लगातार  निगरानी होगी.

 


 
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