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रमजान : वंचितों के बीच कितना बांटें सदका-फ़ितरा की रकम, जानिए चारों प्रमुख उलमा ने क्या कहा

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Ranchi : मुस्लिम समुदाय के रोज़े चल रहे हैं. इसे रमज़ान का मुबारक महीना माना जाता है क्योंकि इन्हीं दिनों क़ुरआन के अवतरित होने की मान्यता है. इस माह में हर संपन्न व्यक्ति को परिवार के हर बालिग-नाबालिग मर्द-औरत के नाम से अनाज या उसकी रक़म निकालनी पड़ती है. इसे ही फ़ित्र या फ़ितरा कहते हैं. इसे गरीबों में बांटना ज़रूरी है, ताकि वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें. पैगम्बर हज़रत मोहम्मद के समय एक साअ (पैला या पैली के समान नाप का पैमाना) अनाज देने की परंपरा थी. एक साअ आज कुछ विद्वान 3 किलो, कुछ 2किलो 45 ग्राम तो कुछ आलिम 1 किलो 692 ग्राम के बराबर मानते हैं. इसी की अनुसार चार प्रमुख विचार के आलिमों ने अलग-अलग रक़म फ़ितरा की शक्ल में जल्द से जल्द निकाल वंचितों में बांटने की अपील की है. हालांकि सबसे अधिक उचित ये माना जाता है कि आप जो खाते हों उससे ही फ़ितरा निकाला जाए. इसे भी पढ़ें - देश">https://lagatar.in/rss-branches-will-start-in-every-village-of-the-country-blueprint-ready-in-presence-of-mohan-bhagwat-in-chintan-shivir/">देश

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जो खाते हों वही अनाज फ़ितरा में गरीबों को दीजिये : अहले हदीस

अहले हदीस जामा मस्जिद रांची के ख़तीब-इमाम मो. शफीक अलियावी ने एलान किया है कि साहब-ए-हैसियत लोग खाने में जिस क्वालिटी के अनाज का इस्तेमाल करते हों. उसी का ढाई किलो फ़ित्र निकालें और ईद से पहले-पहले गरीब, अनाथ, मजबूर और ज़रूरतमंद के बीच बांटें. हर कोई अपनी आर्थिक स्थिति के मुताबिक अलग-अलग क्वालिटी का अनाज खाता है. ऐसे में रक़म का फ़ित्र के लिए एलान करना सही नहीं है. इसे भी पढ़ें - जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-tweeted-to-dc-started-in-24-hours-construction-of-a-culvert-by-correcting-the-flow-of-dirty-water-in-devanbagan/">जमशेदपुर:

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प्रति व्यक्ति 50 रुपए के हिसाब से अदा करें फ़ितरा : इमारत शरीया

इमारत शरीया रांची ने हर वयस्क-अवयस्क के नाम से 50 रुपए के हिसाब से सदका़-ए-फित्र यानी फ़ितरा निकालने का एलान किया है. क़ाज़ी शरीयत दारूल क़ज़ा मुफ़्ती मोहम्मद अनवर क़ासमी ने कहा है कि जो व्यक्ति फ़ितरा में गेहूं या आटा देना चाहें वो प्रति व्यक्ति एक किलो छह सौ बानवे (1692) ग्राम के हिसाब से अदा कर सकते हैं. रांची के बाजार में इसकी औसत कीमत पचास (50) रुपए पड़ती है. इसे भी पढ़ें - चांडिल">https://lagatar.in/chandil-organizing-awareness-program-in-bandih-village-on-the-occasion-of-world-health-day/">चांडिल

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हर बालिग-नाबालिग के नाम से 68 रु बांटे : एदारा शरीया

एदार-ए-शरीया झारखंड ने 68 रुपए प्रति वयस्क-अवयस्क व्यक्ति के लिए सदक-ए-फित्र (फ़ितरा) निकालने का एलान किया है. नाज़िम आला मौलाना क़ुतुबुद्दीन रिज़वी ने बताया कि मध्यमवर्ग गेहूं की कीमत के मुताबिक  2 किलो 45 ग्राम गेहूं के मूल्य ₹68 रु  होते हैं.  इसलिए यह फैसला उलमा-मुफ्तियों की बैठक में लिया गया. इसे भी पढ़ें - विधायक">https://lagatar.in/home-guard-agitators-accused-mla-amba-prasad-of-cheating/">विधायक

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110 रुपए से कम न निकालें गरीबों के लिए : जाफ़रिया मस्जिद

मस्जिद-ए-जाफ़रिया के ख़तीब-इमाम मौलाना तहजीबुल हसन ने बताया कि फ़ित्र की रक़म मुफ़्ती औऱ उलमा की वीडियो कॉंन्फ्रेसिंग से हुई बैठक में तय की गई है. जिसमें चर्चा और  मशवरा के बाद शरीयत के उसूल और इस्लामी नज़रिए के मद्देनजर निर्णय लिया गया कि 3 किलो अच्छे क्वालिटी के अनाज की क़ीमत 110 रुपए होती है. इसलिए इससे कम रक़म फ़ितरा में बिल्कुल न निकालें. इसे भी पढ़ें - Covid-19">https://lagatar.in/covid-19-china-is-threatening-the-hungry-and-thirsty-crores-of-shanghai-by-sending-drones-people-imprisoned-in-lockdown-are-lightheaded-by-hunger-and-thirst/">Covid-19

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