Lagatar Desk: रमजान का पाक और मुबारक महीना चांद दिखने के बाद ही शुरू होता है. मुस्लिम समुदाय के लोग बेसब्री से चांद के दीदार का इंतजार कर रहे हैं. सूरज ढलने के बाद सभी की नजरें आसमान की ओर ही रहती है कि कहीं से चांद मुबारक की खबर आ जाए. लेकिन 22 मार्च को रमजान का चांद नजर नहीं आया. ऐसे में प्रमुख मुस्लिम संस्थाओं की ओर से ऐलान किया गया कि, अब जुम्मा यानी शुक्रवार (24 मार्च) के दिन से रोजा की शुरुआत होगी.
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alt="" width="600" height="400" /> इस्लाम धर्म में रमजान के महीने का महत्व बताते हुए कहा गया है कि, इस महीने की गई इबादत से अल्लाह खुश होते हैं और रोजा रखकर मांगी गई हर दुआ कुबूल होती है. वहीं यह भी माना जाता है कि, अन्य दिनों के मुकाबले रमजान में की कई इबादत का फल 70 गुणा अधिक मिलता है. रमजान का रोजा 29 या 30 दिनों का होता है. इसमें रोजेदार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं. इसे भी पढ़ें: गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-many-nursing-homes-and-clinics-running-without-registration-in-the-district/">गिरिडीह
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alt="" width="600" height="400" /> इस्लाम धर्म में रमजान के महीने का महत्व बताते हुए कहा गया है कि, इस महीने की गई इबादत से अल्लाह खुश होते हैं और रोजा रखकर मांगी गई हर दुआ कुबूल होती है. वहीं यह भी माना जाता है कि, अन्य दिनों के मुकाबले रमजान में की कई इबादत का फल 70 गुणा अधिक मिलता है. रमजान का रोजा 29 या 30 दिनों का होता है. इसमें रोजेदार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं. इसे भी पढ़ें: गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-many-nursing-homes-and-clinics-running-without-registration-in-the-district/">गिरिडीह
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