Ramgarh : बाजार समिति के पीछे पहनवा गढ़ा स्थित आदिवासी रैयतों की जमीन से सटी 3.10 एकड़ गैरमजरूआ भूमि की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर अंचलाधिकारी रमेश रविदास ने स्थल निरीक्षण कर जमीन का सीमांकन कराया और चेतावनी बोर्ड लगवाया.
आदिवासी रैयतों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
स्थानीय आदिवासी रैयतों का आरोप लगाया था कि उनकी जमीन के बगल में स्थित खाता संख्या-2, प्लॉट संख्या-2089 की 3.10 एकड़ गैरमजरूआ भूमि पर कुछ जमीन दलाल और भू-माफिया नजर गड़ाए हुए थे और अवैध खरीद-बिक्री की कोशिश कर रहे थे. इस संबंध में ग्रामीण वर्ष 2016 से प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देते आ रहे थे.
सरकारी जमीन बताकर रोक दिए गए सभी कार्य
अंचलाधिकारी ने अंचल निरीक्षक और अमीन की मौजूदगी में जमीन को चिन्हित कराया. इसके बाद वहां साइन बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया गया कि यह सरकारी गैरमजरूआ भूमि है और इसकी खरीद-बिक्री नहीं की जा सकती. प्रशासन ने जमीन पर किसी भी प्रकार के निर्माण या अन्य गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है.
जमीन बचाने की मांग वर्षों से कर रहे थे ग्रामीण
स्थानीय रैयत बिजेंद्र मुंडा ने बताया कि उनकी रैयती जमीन खाता संख्या-141, प्लॉट संख्या-2090 में दर्ज है. उन्होंने कहा कि आदिवासी रैयत लंबे समय से इस गैरमजरूआ भूमि को बचाने की मांग कर रहे थे. अब प्रशासन द्वारा बोर्ड लगाए जाने से जमीन पर अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री की आशंकाओं पर रोक लगेगी.
मौके पर जुगेंद्र मुंडा, बिशेश्वर मुंडा, पुतुल देवी, बैजंती देवी, रीना देवी, फुलो देवी, मनो देवी, बिनोद मुंडा और मनजीत मुंडा समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment