Ranchi: रामगढ़ उपचुनाव को लेकर एनडीए एवं यूपीए की ओर से कई दावे किए जा रहे हैं. 31 जनवरी से उपचुनाव के लिए नामांकन प्रकिया शुरू हो रही है. मगर अब तक यूपीए और एनडीए की ओर से प्रत्याशी का एलान नहीं किया गया है. निवर्तमान विधायक ममता देवी के जेल जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई है. अब ममता देवी का उत्तराधिकारी कौन होगा ? इसे लेकर अब तक कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले हैं. मगर यह तय माना जा रहा है कि इस चुनाव में ममता देवी के पति बजरंग महतो ही कांग्रेस से उम्मीदवार होंगे. वहीं यह सीट आजसू की परंपरागत सीट रही है. गत चुनाव में सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा गया था. इस सीट पर चंद्रप्रकाश चौधरी की चलती है. आजसू या चंद्रप्रकाश चौधरी इस सीट को छोड़ेंगे या किसी अन्य को मैदान में उतारेंगे, इसकी संभावना कम ही दिख रही है. अब सभी को यूपीए एवं एनडीए खेमा से प्रत्याशी एलान का इंतजार है. कार्यकर्ता भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं.
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झापा ने उतारा है संतोष महतो को, लोजपा भी लड़ेगा चुनाव
रामगढ़ उपचुनाव के लिए झारखंड पार्टी ने संतोष महतो को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है. लोजपा भी रामगढ़ उपचुनाव लड़ेगी. प्रत्याशी की घोषणा जल्द किए जाने की उम्मीद है. जदयू चुनाव लड़ेगी या नहीं. इसे लेकर अभी तक पार्टी का स्टैंड क्लीयर नहीं हो सका है. इसे पढ़ें- आरटीआई">https://lagatar.in/national-seminar-on-rti-activists-oppose-data-protection-bill-raise-questions-on-working-style-of-information-commissioners/">आरटीआईपर राष्ट्रीय सेमिनार : एक्टिविस्टों ने डाटा प्रोटक्शन बिल का किया विरोध, सूचना आयुक्तों की कार्यशैली पर उठाये सवाल
रामगढ़ विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास
बिहार से अलग होने के बाद से रामगढ़ विधानसभा सीट पर तीन बार चुनाव हो चुके हैं. यह विधानसभा सीट हजारीबाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा होने के साथ ही जिला मुख्यालय भी है. इसी वजह से यहां बड़े पैमाने पर विभिन्न दलों की राजनीतिक गतिविधियां संचालित होती हैं. इस सीट पर शुरुआत से आजसू पार्टी का कब्जा रहा है. बिहार से अलग होने के बाद पहली बार यहां 2005 में विधानसभा चुनाव कराया गया. 2005, 2009 और 2014 में इस सीट से आजसू के चंद्र प्रकाश चौधरी ही जीत रहे हैं. 2019 में जब चंद्रप्रकाश चौधरी गिरिडीह से सांसद बन गए तो उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता चौधरी को मैदान में उतारा. मगर इस सीट पर कांग्रेस की ममता देवी ने बाजी मार ली.रामगढ़ विधानसभा सीट का महत्व
इस क्षेत्र को प्राचीनकाल से ही अस्तित्व में माना गया है. प्राकृतिक सौंदर्य में डूबा ये इलाका पतरातू घाटी और पतरातू बांध के लिए पर्यटकों की पसंदीदा जगह में शुमार है. धार्मिक रूप से इस क्षेत्र के रजरप्पा में मां छिन्नसमस्तिका का मंदिर और बौद्ध मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है. इसके अलावा अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की सुपरहिट फिल्म ``शोले`` में भी रामगढ़ का जिक्र है. रामगढ़ उपचुनाव की तिथि इस प्रकार है नामांकन प्रकिया : 31 जनवरी से 7 फरवरी नामांकन पत्रों की जांच : 8 फरवरी नाम वापसी की अंतिम तिथि : 10 फरवरी मतदान : 27 फरवरी मतगणना : 2 मार्च कांग्रेस का पक्ष प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने बताया कि सारी प्रकिया पूरी कर ली गयी है. दिल्ली में मंथन जारी है. संभवत: दो से तीन दिनों में प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी. आजसू का पक्ष आजसू केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि भाजपा के स्थानीय नेता दिल्ली गए हैं. आज दिल्ली में बैठक होगी. इसके बाद इसको लेकर निर्णय हो जाएगा. इसमें कोई शक नहीं है, प्रत्याशी एनडीए की ओर से आजसू का ही होगा. कौन होगा, इसे लेकर दो से तीन दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी. इसे भी पढ़ें-आरटीआई">https://lagatar.in/national-seminar-on-rti-activists-oppose-data-protection-bill-raise-questions-on-working-style-of-information-commissioners/">आरटीआईपर राष्ट्रीय सेमिनार : एक्टिविस्टों ने डाटा प्रोटक्शन बिल का किया विरोध, सूचना आयुक्तों की कार्यशैली पर उठाये सवाल [wpse_comments_template]
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