Search

रामगढ़: महंगाई की मार, जीना दुश्वार

Ramgarh: बेरोजगारी की तरह महंगाई भी बड़ी समस्या बनती जा रही है. जैसे ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते हैं, वैसे ही बाकी चीजों के दाम बढ़ जाते हैं. इससे उच्च वर्ग को कोई असर नहीं होता है, लेकिन मध्यम और निम्न वर्ग के लोग सीधे प्रभावित होते हैं. जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उससे आमलोग परेशान हैं. इसे समझने के लिए लगातार मीडिया की टीम बाजार पहुंची और लोगों का हाल जाना. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/12-8.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> पहन बेड़ा घुटवा के विमल मुंडा आम दिनों की तरह सामान खरीदने बाजार पहुंचे. लेकिन कीमत जानकर सोच में पड़ गये. उन्होंने कहा कि राशन सामग्रियों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि हम जैसे 9 हजार रुपए महीना कमाने वाले लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है. इसमें 5 हजार तो राशन में ही खर्च हो जाता है. उसके बाद बाकी सामान खरीदना मुश्किल होता है. ऐसे में घर का खर्चा चलाना मुश्किल होता है. सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/13-4.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> भुरकुंडा निवासी, जगत महतो कहते हैं कि इन दिनों सभी सब्जियों के दाम काफी बढ़ गये हैं. इससे दिक्कत हो रही है. हर दिन सब्जी सोचकर लाना पड़ता है. कोरोना काल से अभी तक ठोस रोजगार की भी कमी है. बहुत मुश्किल से महीने में 5-6 हजार कमाते हैं. उसी से परिवार चलाना होता है. हम तो बाकी चीजों के बारे में सोच भी नहीं सकते. महंगाई ने हमलोगों का जीना दुश्वार कर दिया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/14-3.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> नयानगर बरकाकाना अशरफ शाह कहते हैं कि मासिक आय 10 हजार रुपए है. लेकिन खर्च 15 हजार से अधिक है. रिश्तेदारों से उधार लेकर मैनेज करना पड़ता है. बीमारी भी लगी रहती है. दवा की कीमत बढ़ती जा रही है. अगर इनकी कीमतें कम होती तो हमलोगों को राहत होती. लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/15-3.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> नया नगर बरकाकाना निवासी निर्मला देवी कहती हैं कि कपड़ों के दाम काफी बढ़ गये हैं. छोटे बच्चे के कपड़े भी पांच सौ रुपए से कम नहीं मिलते हैं. छोटे बच्चों के स्कूल के ड्रेस की कीमत ही 400 से अधिक हो गया है. पति रिटायर हो चुके हैं. पेंशन में 14 हजार मिलता है. उससे घर का खर्च चलाना मुश्किल होता है. अब तो भगवान ही मालिक है. इसे भी पढ़ें-  रूपा">https://lagatar.in/roopa-tirkey-case-dsp-pramod-mishra-filed-a-petition-in-the-high-court/">रूपा

तिर्की मामला : DYSP प्रमोद मिश्रा ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/16.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> सुद्दी पाली निवासी अनिल कुमार महतो बाजार मीट खरीदने पहुंचे. उन्होंने कहा कि अब तो मुर्गे की कीमत भी काफी बढ़ गयी है. इससे मीट खाने के लिए सोचना पड़ता है. पहले महीने में 6 बार मुर्गा खाते थे. लेकिन महंगाई के कारण अब सिर्फ महीने में दो बार ही खाते हैं. 6 महीना पूर्व मुर्गे की कीमत 100 रुपया किलो था. अब 150 हो चुका है. महंगाई है कि रूकने का नाम नहीं ले रही है. दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है. इस पर रोक लगानी चाहिए. इसे भी पढ़ें- TMC">https://lagatar.in/controversial-tmc-mp-mahua-moitra-said-does-not-want-to-live-in-an-india-where-bjps-patriarchal-brahminical-outlook-dominates/">TMC

सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, ऐसे भारत में नहीं रहना चाहती, जहां भाजपा का पितृसत्तात्मक ब्राह्मणवादी दृष्टिकोण हावी है
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp