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रामगढ़: कलश स्थापना के साथ हुई प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा

Ramgarh: रामगढ़ जिला के रजरप्पा स्थित सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की गयी है. सिद्धपीठ में चैत्र नवरात्र को लेकर मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है. मंदिर में नवरात्र के मौके पर विशेष पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्र के समय मंदिर में न्यास समिति, प्रशासन के साथ स्थानीय पुलिस भी चौकस रहती है. छिन्नमस्तिका मंदिर के वरिष्ठ पुजारी असीम पंडा ने बताया कि इस बार माता का आगमन नाव पर हुआ है और विदाई हाथी पर होगी. माता रानी के हाथी पर वापस लौटने के कारण इस साल अधिक बारिश का भी संयोग बन रहा है. नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा हुई. इसे भी पढ़ेंधनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-students-of-saraswati-shishu-vidya-mandir-took-out-prabhat-pheri-on-hindu-new-year/">धनबाद

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कोलकाता के फूलों से सजा है मां छिन्नमस्तिका मंदिर का दरबार

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alt="" width="600" height="400" /> चैत्र नवरात्र के मौके पर मां छिन्नमस्तिका मंदिर को फुलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है. मंदिर के पुजारी असीम पंडा ने बताया कि मंदिर को सजाने के लिए कोलकाता से 27 कारीगर आए हुए है. कारीगर मां के दरबार को आकर्षक रुप में देने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं. मंदिर के पुजारियों ने बताया कि मां की विधिवत नौ दिनों तक पूजा करने वाले भक्तों पर मां की असीम कृपा रहती है. मान्यता है कि नवरात्रि में माता रानी का पाठ करने से देवी भगवती की खास कृपा प्राप्त होती है. मां दुर्गा को सुख, समृद्धि और धन की देवी माना जाता है. जो भी भक्त पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उन्हें माता रानी का खास आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसे भी पढ़ें:  सरहुल">https://lagatar.in/changes-in-the-traffic-route-of-ranchi-regarding-sarhul-avoid-going-on-these-routes-on-march-24/">सरहुल

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