- अंचल कार्यालय के एक कर्मी को किया निलंबित
- अंचल अधिकारी सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का वेतन बंद करने के आदेश
- स्थापना शाखा के सभी कार्यों को अपडेट करने के निर्देश
- पंजी-2 को नियमों के अनुरूप मेंटेनेंस व डिजिटाइज करने तथा राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश
Ramgarh: रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज ने बुधवार को अंचल कार्यालय गोला का औचक निरीक्षण किया. डीसी के आने से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया. डीसी के आने की सूचना पर कर्मचारी अपने कामों मुस्तैद हो गए. उपायुक्त ने कार्यालय के विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों की समीक्षा की.
निरीक्षण के दौरान कार्यालय में अभिलेखों के मेंटेनेंस, राजस्व से संबंधित कार्यों, स्थापना शाखा, दाखिल-खारिज, वन अधिकार, आपदा राहत, जाति, आय, आवासीय सहित अन्य प्रमाण पत्रों के निष्पादन की स्थिति का गहन निरीक्षण किया गया.
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निरीक्षण के क्रम में कई कार्यों में गंभीर अनियमितता एवं अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की. कार्यालय के एक कर्मी द्वारा कार्यों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर उसे निलंबित करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया. वहीं अंचल कार्यालय के कार्य निष्पादन से असंतुष्ट होते हुए उपायुक्त ने अंचल अधिकारी सहित कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया.
उपायुक्त ने स्थापना से संबंधित सभी अभिलेखों एवं कार्यों को शीघ्र अपडेट करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कार्यालय के सभी अभिलेख नियमों के अनुरूप संधारित किए जाएं तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि या लंबित कार्य स्वीकार्य नहीं होंगे.
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने राजस्व अभिलेखों के महत्वपूर्ण दस्तावेज पंजी-2 की भी जांच की. उन्होंने निर्देश दिया कि पंजी-2 का मेंटेनेंस पूरी पारदर्शिता एवं नियमानुसार किया जाए तथा इसके डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि भूमि संबंधी अभिलेखों का संरक्षण एवं आम नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में सुविधा हो.
राजस्व संग्रह की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने राजस्व वसूली की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि रसीद निर्गत करने एवं लंबित राजस्व वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ मिल सके तथा राजस्व संग्रह में वृद्धि हो.
वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित मामलों, आपदा राहत से संबंधित प्रकरणों, दाखिल-खारिज आवेदनों, मिटा पोर्टल पर लंबित मामलों, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्रों के निष्पादन की समीक्षा के दौरान भी उपायुक्त ने कार्यों की प्रगति को असंतोषजनक पाया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन किया जाए तथा आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं नागरिक सेवाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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