- 32 साल से नहीं हुई सड़क की समुचित मरम्मत
- 70–80 टन तक के भारी वाहनों का दबाव
- 250 मीटर पैच की मरम्मत से नहीं बनेगी बात
- 2022 में NOC, अब तक नहीं बना नया रास्ता
- धरने पर बैठे ग्रामीण, वार्ता के बाद भी गतिरोध कायम
Ramgarh News: कुजू नया मोड़ से गिद्दी जाने वाली ‘हिरक सड़क’ की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है. सड़क निर्माण और स्थायी मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले 48 घंटे से सड़क पर धरना दे रहे हैं. रविवार को मांडू प्रखंड की अंचलाधिकारी ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचीं, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार बातचीत का कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
इसे भी पढ़ें:
मांडू के अंचलाधिकारी कार्यालय से उपायुक्त को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों की समस्याओं का उल्लेख किया गया है. पत्र के अनुसार, कुजू नया मोड़ से छोटका चुंबा करीब 10 किलोमीटर तथा छोटका चुंबा से गिद्दी सी तक करीब 9 किलोमीटर सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है. ग्रामीणों का दावा है कि सड़क निर्माण के बाद करीब 32 वर्षों से इसकी समुचित मरम्मत नहीं हुई है.
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं. पत्र में बताया गया है कि सड़क पर 70–80 टन तक भार वाले वाहन चलते हैं. इनमें विभिन्न औद्योगिक एवं खनन परियोजनाओं के वाहन तथा सीसीएल की रेक से जुड़े परिवहन वाहन शामिल हैं. लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है.
जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं. बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, छोटे वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है.
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल छोटे हिस्सों की मरम्मत की कवायद की जा रही है. पत्र में उल्लेख है कि सीसीएल कुजू की ओर से 250 मीटर पैच भरने के लिए टेंडर किया गया है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार इतनी छोटी मरम्मत पूरे मार्ग की समस्या का समाधान नहीं कर सकती.
ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना भारी वाहनों और पैदल राहगीरों को जर्जर सड़क से गुजरना पड़ रहा है तथा पूरे रास्ते में 20 से अधिक जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं.
अंचल अधिकारी के पत्र में सीसीएल के पूर्व पत्राचार का भी उल्लेख किया गया है. इसके अनुसार 08 नवंबर 2022 के पत्र के माध्यम से नए मोड़ से गिद्दी सी तक नए सड़क निर्माण के लिए NOC दिए जाने का उल्लेख है. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बीत जाने के बावजूद नए सड़क निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
सड़क की बदहाली के खिलाफ ग्रामीण 48 घंटे से धरने पर बैठे हैं. ग्रामीणों के बीच पहुंचीं मांडू अंचलाधिकारी ने उनकी समस्याएं सुनीं और बातचीत का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार स्थायी सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया.
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि केवल अस्थायी पैचवर्क के बजाय कुजू नया मोड़ से गिद्दी तक नई सड़क का निर्माण कराया जाए. उनका कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है और प्रशासन को किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही ठोस कदम उठाना चाहिए.
कभी क्षेत्र की महत्वपूर्ण संपर्क सड़क मानी जाने वाली यह सड़क आज गड्ढों और भारी वाहनों के बीच संघर्ष करती नजर आ रही है. ग्रामीणों का सवाल सीधा है—जब सड़क की जर्जर स्थिति वर्षों से सामने है और नए सड़क निर्माण के लिए NOC भी दिया जा चुका है, तो आखिर स्थायी निर्माण कब होगा?
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

