Ramgarh : रामगढ़ जिला प्रशासन के सहयोग से मांडू व गोला प्रखंड में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं (दीदियों) ने सामूहिक प्रयास से कृषि में नई मिसाल कायम की हैं. मांडू प्रखंड के कर्मा उत्तरी गांव की 45 महिलाएं करीब 20 एकड़ में तरबूज की उन्नत खेती कर रही हैं. वहीं, गोला प्रखंड के सोनागातू गांव में 63 दीदियां करीब 15 एकड़ में तरबूज के साथ-साथ करेला, खीरा व तरोई जैसी सब्जियों की खेती कर रही हैं.
DRDA, JSLPS व प्रदान संस्था की संयुक्त टीम ने मांडू प्रखंड के कर्मा उत्तरी व गोला प्रखंड के सोनागातू गांव का भ्रमण कर महिलाओं की खेती का अवलोकन किया.
IFC परियोजना के तहत इन महिला किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज प्रदान की जा रही है. किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से सामूहिक रूप से सस्ती दरों पर उन्हें बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके साथ ही प्रदान संस्था द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन व फील्ड स्तर पर निरंतर सहयोग किया जा रहा है. उत्पादों के विपणन की व्यवस्था भी FPO के माध्यम से जा रही है, जिससे किसानों को उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार, अब तक मांडू क्षेत्र में करीब 11 मीट्रिक टन व गोला में 10 मीट्रिक टन तरबूज की बिक्री की जा चुकी है. इन उत्पादों की बिक्री 10 रुपए प्रति किलो की दर से रांची, धनबाद व आसपास के बाजारों में की गई है, जिससे महिला किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
जिला प्रशासन द्वारा महिला किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई व मल्चिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इन तकनीकों के उपयोग से जल संरक्षण के साथ-साथ उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है, जिससे किसान अधिक लाभ अर्जित कर रही हैं. यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि ये जिले में आधुनिक व वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल भी प्रस्तुत कर रही हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment