- पतरातू में पति-पत्नी के निधन से पसरा मातम
- जीवनभर के साथ ने अंतिम विदाई तक किया भावुक
Ramgarh : सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें अक्सर जिंदगी के खुशनुमा पलों में खाई जाती हैं, लेकिन पतरातू मेन रोड से सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने लोगों को रिश्तों की गहराई और जीवनसाथी के प्रति समर्पण का भावुक एहसास करा दिया.
शुक्रवार की शाम 77 वर्षीय चंद्रकांत कुमार लाल बाबू ने दुनिया को अलविदा कह दिया. परिवार अभी इस गहरे सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि महज 12 घंटे के भीतर उनकी 65 वर्षीय पत्नी कमला देवी का भी निधन हो गया. पति-पत्नी के इस तरह एक के बाद एक दुनिया से विदा होने की खबर से पूरा परिवार गम में है.
जिस जीवनसाथी के साथ वर्षों तक सुख-दुख बांटे, जीवन के अनगिनत उतार-चढ़ाव देखे और साथ निभाने का वादा किया, उनके बिछड़ने का दर्द कमला देवी सहन नहीं कर सकीं. पति की मृत्यु के कुछ ही घंटों बाद उनका निधन हो जाने से परिजनों के साथ-साथ आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए.
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एक ही चिता पर दाह संस्कार से सबकी आखें हुईं नम
शनिवार को जब चंद्रकांत कुमार लाल बाबू और कमला देवी की अंतिम यात्रा एक साथ निकली, तो माहौल गमगीन हो गया. दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था. जिस दंपती ने जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाया, उन्हें अंतिम विदाई भी एक साथ दी गई.
इस घटना ने पतरातू के लोगों को भावुक कर दिया. परिवार के लिए यह क्षति कभी न भर पाने वाला दुख बन गई. एक ही दिन में दो अपनों को खोने का दर्द परिजनों की आंखों में साफ दिखाई दे रहा था.
चंद्रकांत कुमार लाल बाबू और कमला देवी का एक के बाद एक दुनिया से विदा होना और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया जाना पतरातू में चर्चा और संवेदना का विषय बना हुआ है. यह घटना जीवनसाथी के साथ वर्षों तक निभाए गए रिश्ते और साझा जीवन की यादों को एक भावुक विदाई दे गई.

