Ranchi : शनिवार को द कार्निवल में झारखंड राज्य बामसेफ इकाई का 21वां राज्य अधिवेशन हुआ. अधिवेशन का उद्घाटन केंद्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी महासभा जयप्रकाश मिंज ने की. वहीं मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व आईएएस चंद्रशेखर प्रसाद ने शिरकत की. वहीं विशिष्ठ अतिथि सीटीआई के निदेशक विक्रमा राम रहे. 2 दिनों के कार्यक्रम में पहले दिन का कार्यक्रम तीन सत्रों में संचालित किया गया. इसे भी पढ़ें–हेमंत">https://lagatar.in/employees-expressed-their-gratitude-by-meeting-hemant-cm-took-a-jibe-at-modi-government/">हेमंत
से मुलाकात कर कर्मचारियों ने जताया आभार, CM का मोदी सरकार पर तंज
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“निजीकरण से पूंजी अमीरों के कब्जे में”
पहले सत्र के विषय निजीकरण और आउटसोर्सिंग के दुष्प्रभाव से निपटने की रणनीति पर थी. राष्ट्रव्यापी मंथन पर बोलते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि निजीकरण से देश की पूंजी अमीरों के कब्जे में चली गई है. अमीर और गरीब के बीच की खाई बड़ी हो गई है. भयंकर बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गई और मजदूरों का शोषण प्राकाष्ठा पर पहुंच गया है. जाति की जनगणना ना होने के कारण विभिन्न पिछड़ी जातियों को उनके जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी नहीं मिल पा रही है.alt="" width="600" height="300" />
जाति आधारित जनगणना हो-जयप्रकाश
वहीं जयप्रकाश मिंज ने कहा कि जाति की जनगणना ना होने के कारण विभिन्न पिछड़ी जातियों को उनके जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी नहीं मिल पा रही हैं. इस कारण विद्रोह की भावना उत्पन्न हो रही है. जो आने वाले समय में काफी खतरनाक होगी. इसलिए हर हाल में जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें–धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-mass-will-continue-to-fight-against-exploitation-oppression-and-injustice-agam-ram/">धनबाद:शोषण, जुल्म और अन्याय के खिलाफ लड़ती रहेगी मासस : आगम राम
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