Ranchi: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की. बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा और स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. सिद्धार्थ सान्याल भी शामिल हुए.
समीक्षा के दौरान सामने आया कि एनएचएम मद में अब तक केवल 50 प्रतिशत राशि ही खर्च हो पाई है. इस पर अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक 100 प्रतिशत राशि खर्च सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि इसके लिए कैंप आयोजित किए जाएं, बकाया बिलों का तुरंत भुगतान हो और मानदेय व वेतन जैसे नियमित खर्च बिना देरी किए जाएं.
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि सहिया का लंबित मानदेय तुरंत दिया जाए. साथ ही एक सप्ताह के भीतर सभी पेंडिंग बिलों का भुगतान करने को कहा गया. उन्होंने सिविल सर्जनों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान करने का निर्देश दिया.
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं की नियमित एंट्री करने और खर्च में तेजी लाने पर जोर दिया.
बैठक में पीएम-अभीम योजना की प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई. इस पर अपर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जहां टेंडर लंबित हैं, वहां प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए. जिन स्थानों पर टेंडर हो चुके हैं, वहां काम तुरंत शुरू कराया जाए. साथ ही कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ तभी लोगों तक पहुंचेगा, जब भुगतान समय पर होगा और योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से किया जाएगा. सभी जिलों को इस दिशा में गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया गया.
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