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रांची: DSPMU में छात्रा ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची में आज एक गंभीर घटना सामने आई. विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में न्याय की मांग करते हुए प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन किया.
 

Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची में आज एक गंभीर घटना सामने आई. विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में न्याय की मांग करते हुए प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन किया. उनके साथ DSPMU के छात्र संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.

 

छात्रा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के एक PhD स्कॉलर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अश्लील वीडियो भेजे. उन्होंने यह शिकायत पहले भी प्रशासन को दी थी, जिस पर कमेटी का गठन किया गया. हालांकि, कमेटी की जांच रिपोर्ट अब तक पीड़िता के साथ साझा नहीं की गई है.

 

छात्रा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने रिपोर्ट की मांग की थी और एप्लीकेशन भी जमा कर दी थी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली. इस कारण आज उन्होंने छात्र संघ की मदद लेकर प्रशासनिक भवन में न्याय की मांग की.

 

प्रशासन ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट तैयार है और जब रजिस्ट्रार आएंगे, तब इसे साझा किया जाएगा. इस जवाब से असंतोष जताते हुए छात्रा और छात्र संघ ने परिसर से जाने से इनकार कर दिया.

 

इस दौरान जियोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, वर्तमान एक्टिंग विभागाध्यक्ष, पूर्व प्रॉक्टर, फाइनेंस ऑफिसर और कमेटी की सदस्य भी मौजूद रहे और छात्रों की बात सुनी.

 

हालांकि, वर्तमान एक्टिंग विभागाध्यक्ष का कथन कि "छात्रा उनकी बेटी की तरह और स्कॉलर उनके बेटे की तरह है, और जवानी में ऐसी गलती हो जाती है, इसे गलती समझ कर माफ कर दिया जाए," से छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने विभागाध्यक्ष का इस्तीफा मांग लिया. छात्र संघ का कहना है कि किसी गुरु द्वारा यौन उत्पीड़न को 'छोटी गलती' बताना पूरी तरह अस्वीकार्य है.

 

पीड़िता ने DSPMU प्रशासन से मांग की है कि दोषी स्कॉलर को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जाए, उन पर FIR दर्ज की जाए और उनके संरक्षण में कार्यरत अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो.

 

पीड़िता ने बताया कि शिकायत के बाद उन पर हमला किया गया, जिससे उनका फोन टूट गया और कई सबूत नष्ट हो गए. इसके बावजूद, उनके पास अभी भी कुछ सबूत मौजूद हैं जो उनके साथ हुए अभद्र व्यवहार को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं. एक लंबी बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि दोषी स्कॉलर को निष्कासित किया जाएगा.

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