Search

 
 
 

रांची: SBU के संकाय विकास कार्यक्रम में शामिल हुए शिक्षाविद

 
Ranchi: सरला बिरला विश्वविद्यालय (SBU) ने 25 मार्च से 29 मार्च, 2025 तक नवाचार और उद्यमिता पर पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) के दूसरे दिन आज उद्यमी और शिक्षाविद शामिल हुए. एफडीपी का आयोजन वाणिज्य संकाय और संस्थान की नवाचार परिषद द्वारा शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के प्रायोजन के तहत आईक्यूएसी एसबीयू रांची के सहयोग से किया जा रहा है. इस अवसर पर अपने संबोधन में वाणिज्य संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर और डीन डॉ. संदीप कुमार ने आंत्रप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप में एमवीपी के विस्तार पर अपना विचार रखा. उन्होंने झारखंड में शुरू किए गए स्टार्टअप, जैसे बांस के काम और महुआ केक आदि पर विस्तार से बताया. समस्या के समाधान के दिशा में उपयोगी उपायों पर उनका वक्तव्य केंद्रित रहा. एमवीपी के व्यवसाय में इस्तेमाल पर भी उन्होंने जानकारी दी. प्रतिष्ठित स्टार्टअप मेंटर एवं आई आईएमएस, कोलकाता के प्राचार्य डॉ. सुदीप्तो भट्टाचार्य ने इंटरैक्टिव लाइव सत्र और प्रश्नोत्तर चर्चा के दौरान नेटवर्किंग अवसरों से होनेवाले सुखद परिणामों के विषय में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इससे संकाय सदस्यों को भावी उद्यमियों को मार्गदर्शन देने के लिए बहुमूल्य ज्ञान प्राप्त हुआ है. इस क्रम में उन्होंने बाजार में एमवे और अन्य साझेदारों का उदाहरण भी दिया. उन्होंने व्यवसाय की प्रमुख विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताने के लिए इशिकावा आरेख और पैरेटो आरेख का उल्लेख किया. खेलों और अन्य इंटरैक्टिव गतिविधियों का उपयोग करते हुए, उन्होंने जीवन की भावना और स्टार्टअप के सही अर्थ के बारे में बताया. कार्यक्रम में एसबीयू के कुलपति प्रो सी जगनाथन ने डॉ. सुदीप्तो को सम्मानित करते हुए आंत्रप्रेन्योरशिप और स्टार्ट अप पर उनके उपयोगी वक्तव्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया। डॉ. नित्या गर्ग ने कार्यक्रम का संचालन किया. एसबीयू में उपस्थित एफडीपी के लिए चयनित 50 प्रतिभागियों में 30 झारखंड के अलग-अलग संस्थानों से हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त 1639 आवेदनों में से 50 आवेदनों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिसमें झारखंड से चयनित दो विश्वविद्यालयों में एसबीयू भी शामिल है। यह जानकारी एफडीपी के समन्वयक सह डीन डॉ. संदीप कुमार ने दी. एसबीयू परिसर में आयोजित एफडीपी कार्यक्रम पर विवि के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक एवं राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त किया है. इसे भी पढ़ें – इलाहाबाद">https://lagatar.in/supreme-court-stays-allahabad-high-courts-controversial-order-breaking-the-string-of-a-pyjama-touching-the-chest-is-not-rape/">इलाहाबाद

हाईकोर्ट के विवादित आदेश “पजामे का नाड़ा तोड़ना, सीने को पकड़ना दुष्कर्म नहीं” पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही