Ranchi : झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका यूनियन का चौथा राज्य सम्मेलन राजधानी रांची के सफदर हाशमी सभागार में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत झंडोत्तोलन और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई. सम्मेलन में बड़ी संख्या में सेविकाओं और सहायिकाओं ने भाग लिया.
सम्मेलन का उद्घाटन ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर की राष्ट्रीय महासचिव उषा रानी ने किया. उन्होंने आरोप लगाया कि एफआरएस व्यवस्था के नाम पर आंगनबाड़ी कर्मियों का शोषण हो रहा है और उनका मानदेय रोका जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कई महीनों से टीएचआर के तहत मिलने वाला रेडी-टू-ईट राशन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे लाभुकों को परेशानी हो रही है.
सम्मेलन में वक्ताओं ने सरकार पर काम का बोझ बढ़ाने लेकिन मानदेय में वृद्धि नहीं करने का आरोप लगाया. वीणा गुप्ता ने कहा कि सेविकाओं को अनावश्यक कार्यों से मुक्त किया जाना चाहिए और उन्हें देर रात तक फोन कर परेशान करने की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए. वहीं सीटू के राज्य महासचिव बिश्वजीत देब ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि नई लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाली हैं.
कार्यक्रम के अंत में यूनियन की नई राज्य कमेटी का गठन किया गया. इसमें मीरा देवी को अध्यक्ष और मीनू मूर्मू को महासचिव चुना गया. इसके अलावा प्रीति हांसदा, अविगेल हेम्ब्रम और वर्षा रानी को उपाध्यक्ष, सावित्री सोरेन, सोनामुनी मुर्मू और बेबी कुमारी को सचिव तथा लखन लाल मंडल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई.सम्मेलन में पारित प्रस्तावों में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, ग्रेच्युटी का लाभ, और कार्य के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment