Ranchi : झारखंड के आर्किटेक्ट और इंजीनियरों के संगठन 'एसोसिएशन ऑफ लाइसेंस्ड टेक्निकल प्रोफेशनल्स ऑफ झारखंड' ने रांची नगर निगम द्वारा नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में हो रही देरी और आवेदनों के खारिज होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है. संगठन ने इस संबंध में नगर आयुक्त को एक पत्र भेजकर नक्शों को जल्द मंजूर करने की मांग की है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुजीत भगत के अनुसार, संपत्ति मालिकों से खाली जमीन पर होल्डिंग टैक्स वसूलने और पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही होल्डिंग नंबर दिया जाता है. इसके बावजूद, बाद में सीएनटी एक्ट (छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम) या अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर नक्शा स्वीकृत करने से मना कर दिया जाता है. संगठन का कहना है कि शहर में कुल 1.60 लाख होल्डिंग्स में से केवल 35,080 के पास ही आरएमसी और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (आरआरडीए) से स्वीकृत नक्शे हैं.
झारखंड भवन उपनियमों की धारा 27.2(1) का हवाला देते हुए संगठन ने स्पष्ट किया कि भवन के नक्शे की मंजूरी केवल निर्माण की अनुमति देती है, यह भूमि के स्वामित्व का प्रमाण नहीं होती है. चूंकि नगर निगम संपत्ति के मालिकाना हक को प्रमाणित नहीं करता, इसलिए संगठन ने नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि वैध होल्डिंग नंबर वाले सभी आवेदकों के नक्शे तुरंत पास किए जाएं. इस समस्या के समाधान के लिए संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही नगर आयुक्त से मुलाकात करेगा.
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