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सरकार पर भेदभाव का आरोप
झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जॉन पीटर बागे ने कहा कि पिछले दिनों राज्य सरकार ने मनरेगा कर्मियों के मानदेय में आंशिक बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी. संघ इसे मनरेगा कर्मियों को ठगने वाला घोषणा मानता है. जॉन पीटर बागे ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि मनरेगा सेल में कार्यरत कर्मियों के मानदेय में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है और उसे 1 जनवरी 2022 से ही लागू कर दिया गया. जबकि निचले स्तर पर कार्यरत मनरेगा कर्मियों का मानदेय सिर्फ आंशिक रूप से बढ़ा है और उसे 1 अगस्त से लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि इस तरह से कर्मियों के मानदेय में अलग-अलग बढ़ोतरी सरकार की मंशा दिखलाता है. इस वजह से झारखंड में मनरेगा कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है.alt="" width="600" height="350" />
15 सालों से सरकार ठग रही-जॉन पीटर बागे
जॉन पीटर बागे ने आगे कहा कि 15 अगस्त 2022 को मनरेगा कर्मियों की सेवा के 15 साल पूरे हो गए हैं. इन 15 वर्षों में सभी राज्य सरकारों ने मनरेगा कर्मियों को सिर्फ ठगने का काम किया है. अल्प मानदेय के अलावा अन्य कोई लाभ मनरेगा कर्मियों को नहीं दी जा रही है. मानसिक शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जाना अब आम बात हो गई है. किसी भी तरह की अनियमितता और आरोपों पर सारा दोष निचले स्तर के मनरेगा कर्मियों पर डालकर उन्हें न सिर्फ अपमानित किया जाता है, बल्कि बर्खास्त भी कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कई मनरेगा कर्मियों की मानसिक दबाव के कारण ब्रेन हेमरेज व अन्य बीमारियों से मृत्यु हो गई. इस पर भी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा की योजना से इन्हें जोड़ा गया है. इसे भी पढ़ें-अनजान">https://lagatar.in/if-unknown-imam-comes-to-the-village-inform-the-police-cm-sarma/">अनजानइमाम गांव आये, तो पुलिस को दें सूचना : सीएम सरमा

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