Ranchi : श्रावणी मेले से पहले नगर निगम ने पहाड़ी मंदिर परिसर और आसपास की निगम स्वामित्व वाली जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा काम करना शुरू कर दिया है.मंगलवार को निगम की टीम ने पहाड़ी मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण कर अतिक्रमित स्थलों को चिन्हित किया. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित अतिक्रमणों के खिलाफ जल्द अभियान चलाया जाएगा.
नगर निगम के अनुसार पहाड़ी मंदिर परिसर एमएस प्लॉट संख्या 955 और 956 में स्थित है. वार्ड संख्या-2, थाना संख्या-205, मौजा रांची, शहर अंचल में दर्ज यह भूमि निगम के स्वामित्व में है. दोनों प्लॉटों को मिलाकर मंदिर परिसर करीब 26 एकड़ 94.7 डिसमिल क्षेत्र में फैला हुआ है.
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अतिक्रमण के मामले सामने आए. अधिकारियों ने ऐसे स्थलों को सूचीबद्ध कर कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है. निगम अधिकारियों ने भूमि की सीमा, उपयोग और अतिक्रमण की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी किया.
बिना एनओसी चल रहा था निर्माण कार्य
निरीक्षण के दौरान एनआरईपी के तहत चल रहे बाउंड्री वॉल और पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य की भी जांच की गई. अधिकारियों को पता चला कि संबंधित कार्य के लिए रांची नगर निगम से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया गया था. स्थानीय लोगों के विरोध के बाद फिलहाल निर्माण कार्य बंद है.
इसके अलावा निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट भी परिसर के विभिन्न हिस्सों में बिखरा मिला. अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को इसे तत्काल हटाने का निर्देश दिए.
नगर आयुक्त बोले- निगम की जमीन पर बिना अनुमति नहीं होगा कोई काम
निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक हुई. बैठक में भूमि सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण और श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निगम की जमीन पर बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति और आवश्यक एनओसी के किसी भी प्रकार का निर्माण या विकास कार्य नहीं किया जा सकता. उन्होंने संबंधित शाखाओं को सभी चिन्हित स्थलों का विस्तृत सर्वेक्षण कर अभिलेखों का सत्यापन करने और अतिक्रमण हटाने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा.
श्रावणी मेले से पहले होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी मंदिर पहुंचते हैं. ऐसे में मंदिर परिसर, पहुंच मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अव्यवस्था या यातायात बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी. श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
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