Ranchi : डॉ अजय कुमार सिंह. पेशे से डॉक्टर. सर्जन. आइएमए के पूर्व अध्यक्ष. दो दर्जन से अधिक संस्थाओं के आजीवन सदस्य. दर्जनों डिग्रियां. अनेकों सम्मान. इनकी उपस्थिति कहीं भी हो, वह स्थान व कार्यक्रम महत्वपूर्ण हो जाये. कार्यक्रम हो या समारोह की वैभव बढ़ जाये. लेकिन ऐसा लगता है वह रांची डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के आजीवन सदस्य भी हैं. आज वह दुखी हैं. ऐसा लगता है डॉ सिंह क्रिकेट एसोसिएशन के महत्व को लेकर दुखी हैं. पर नाउम्मीद नहीं.

डॉ अजय कुमार सिंह का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट
गुरुवार (11 जून) को डॉ सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा- पता नहीं रांची डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के आजीवन सदस्य होने के बाद भी, पिछले दस वर्षों से कभी किसी सभा या आम सभा या किसी भी मैच की सूचना मुझे नहीं आती. उम्मीद है रांची डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन आज भी वजूद में है? हमें याद है, एक समय हमारे डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन का बड़ा महत्व था राज्य के क्रिकेट खातिर, आज भी वही उम्मीद है.
उनके पोस्ट पर राजीव रंजन ने लिखा- कल शाम में रांची जिला क्रिकेट एसोसिएशन के वर्तमान सेक्रेटरी शैलेंद्र कुमार से जब मैंने यही प्रश्न किया कि रांची क्रिकेट एसोसिएशन के मैच की जानकारी सदस्यों को क्यों नहीं दी जाती है तो उन्होंने कहा कि मैं सचिव हूं चपरासी नहीं. इस पर मधुकांत पाठक ने लिखा- सही बात. उन्हें भी जानकारी नहीं दी गई.
इसके बाद सुशील कुमार मंटू ने पोस्ट में लिखा कि वह (डॉ अजय) ना तो आजीवन सदस्य हैं और न ही वार्षिक सदस्य. इस पर डॉ सिंह ने शुभकामनाएं दी. साथ ही कहा कि ऐसा लगता है उन्हें आजीवन या नियमित सदस्य से भी हटाया जा चुका हो.
ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर इतने वरिष्ठ और सम्मानित व्यक्ति आखिर दुखी क्यों हैं? इससे भी बड़ा सवाल खुद को क्रिकेट का सर्वेसर्वा कहने वालों को इससे रत्ती भर फर्क भी पड़ता है क्या?
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment