Ranchi : चैती छठ महापर्व के तीसरे दिन की संध्या अर्घ्य सूर्य को दी गई. शहर के विभिन्न जलाशयों और तालाबों पर छठव्रतियों की भारी भीड़ रही. छठव्रती पारंपरिक अनुष्ठानों का निर्वाह करते हुए निर्धारित मार्गों से जलाशयों तक पहुंचे. व्रती सूप में पांच प्रकार के फल माला सजाए हुए थे. इसके साथ ही ठेकुआ, नारियल, डंभा और प्रसाद सजाकर भगवान सूर्य को अर्पित की गई.
छठ घाटो बड़ा तालाब, चडरी तालाब, जेल तालाब समेत दजनों तालाबों पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला. तालाबों में भगवान सूर्य को दीप दिखाए गए. और जलाशयों में दीप जलाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. लोकगीतों और छठ गीतों की गूंज भी सुनाई दी. व्रतियों के साथ पहुंचे परिजनों और सहयोगियों ने भी डूबते सूर्य को जल, अगरबती और दूध अर्पित किए.
इसके बाद व्रतियों ने तीन बार पूजा स्थल की परिक्रमा कर अर्घ्य दिया. इस दौरान व्रतियों के चेहरे पर आस्था, विश्वास झलक रही थी. छठ पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से भी व्यापक व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
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