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PVTG समुदायों के समग्र विकास के लिए 'रांची घोषणा' जारी

Ranchi : राजधानी रांची के होटल चाणक्य BNR में PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) के विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ. सम्मेलन का आयोजन 4S-India ने टाटा ट्रस्ट, पॉल हैमलिन फाउंडेशन (PHF), कॉमन ग्राउंड और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के सहयोग से किया.
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  • PVTG विकास को लेकर 7 राज्यों के 150 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल
  • अधिकार आधारित विकास पर बनी सहमति

Ranchi : राजधानी रांची के होटल चाणक्य BNR में PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) के विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ. सम्मेलन का आयोजन 4S-India ने टाटा ट्रस्ट, पॉल हैमलिन फाउंडेशन (PHF), कॉमन ग्राउंड और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के सहयोग से किया.

 

सम्मेलन में 7 राज्यों से 150 से अधिक प्रतिनिधियों और 80 से अधिक संस्थाओं, सरकारी विभागों, शोध संस्थानों और विकास साझेदारों ने भाग लिया. इस दौरान PVTG समुदाय के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सतत विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.


सम्मेलन की शुरुआत पाकुड़ की पहाड़िया समुदाय की महिलाओं के पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य से हुई. सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया.


कार्यक्रम में टाटा ट्रस्ट, FES, JSLPS, JTDS, BRAC इंटरनेशनल, एक्सिस बैंक फाउंडेशन, जीवीका समेत कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे. इसके अलावा समुदाय के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, पंचायत प्रतिनिधि, युवा, शोधकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी बात रखी.


4S-India के कार्यकारी निदेशक मिहिर सहाना ने कहा कि PVTG समुदायों के विकास के लिए अब केवल कल्याणकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं. अधिकार आधारित और समुदाय की भागीदारी वाले मॉडल को अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार, नागरिक समाज और समुदाय के साझा प्रयासों से ही स्थायी बदलाव संभव होगा.


सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि PVTG समुदाय आज भी स्वास्थ्य, कुपोषण, शिक्षा, आजीविका, भूमि अधिकार और सरकारी योजनाओं तक पहुंच जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. इन समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया.

 

सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि रांची घोषणा जारी किया गया. इसमें सभी सहभागी संस्थाओं ने PVTG समुदायों के समग्र विकास, नीति सुधार, ज्ञान साझेदारी और संयुक्त प्रयासों के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.


समापन समारोह में PVTG समुदायों के बीच लंबे समय से काम कर रहे समाजसेवियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया. आयोजकों ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि PVTG समुदायों के सम्मानजनक और सतत विकास की दिशा में राष्ट्रीय स्तर की नई शुरुआत है.

 

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