Ranchi : झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची के नगड़ी प्रखंड कार्यालय में मनरेगा के विश्वास, रोजगार से विकास अभियान का शुभारंभ किया.
मंत्री ने कहा कि मनरेगा ने पिछले दो दशकों में ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में कदम उठा रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना गरीबों के हितों के खिलाफ है.
मंत्री ने बताया कि इस अभियान के तहत मनरेगा से जुड़े परिवारों को 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों की पहचान कर उन्हें आधार लिंक e-KYC युक्त जॉब कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सही लाभुकों तक पहुंच सके. उन्होंने कहा कि काम की मांग करने वाले परिवारों को 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा केवल मजदूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से कुआं निर्माण, बागवानी, जल संरक्षण और अन्य स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है. इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है.
मंत्री ने कहा कि यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन कर पलायन रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. अंत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि झारखंड के हर मजदूर को काम, हर परिवार को उसका अधिकार और हर गांव को विकास की असली ताकत मिले.
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