Ranchi : माध्यमिक आचार्य भर्ती में विभिन्न विषयों के दस्तावेज सत्यापन के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का परिणाम लंबित रखे जाने के विरोध में झारखंड छात्र संघ ने आज जेएसएससी कार्यालय के समक्ष सांकेतिक प्रदर्शन किया. संगठन ने लंबित परिणाम जल्द जारी करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.
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झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस. अली ने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट नोटिस या कारण बताए कई अभ्यर्थियों का परिणाम रोक दिया गया है. उन्होंने कहा कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान और आयोग के नोटिस के बाद भी अभ्यर्थियों ने आरक्षित वर्ग, नॉन-क्रीमी लेयर और ईडब्ल्यूएस से संबंधित आवश्यक प्रमाणपत्र जमा किए, इसके बावजूद उनका परिणाम लंबित रखा गया.
उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में पीजी अंकपत्र में अंकित उत्तीर्ण तिथि के बजाय डिग्री प्रमाणपत्र जारी होने की तिथि को आधार बनाकर परिणाम रोका गया है. साथ ही मदरसा फाजिल डिग्री को स्नातकोत्तर (पीजी) के समकक्ष मान्यता नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि भर्ती कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों के लिए हो रही है और मदरसा आलिम-फाजिल डिग्रीधारी अभ्यर्थी भी पात्र हैं.
एस. अली ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी उर्दू माध्यमिक आचार्य के अभ्यर्थियों को हो रही है. उनके अनुसार उर्दू विषय के 92 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 78 अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन में भाग लिया, लेकिन उनमें से केवल 39 अभ्यर्थियों का ही परिणाम जारी किया गया, जबकि शेष का परिणाम अब भी लंबित है. इससे अभ्यर्थियों को बार-बार जेएसएससी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान सचिव के अनुपस्थित रहने पर प्रदर्शनकारियों ने उनके नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित परिणाम शीघ्र जारी करने की मांग की. साथ ही मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया.
प्रदर्शन में इमरान अंसारी, मोकर्रम हयात, निसार अहमद, मो. अबूजर, सना फातमा, इजहार आलम, वाहिदा बसर, आयशा परवीन, मो. अबु तल्हा, शबनम सुहैब, मो. इलियास, नाजिया हसन सहित अन्य अभ्यर्थी एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे.
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