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कामकाजी महिला छात्रावास योजना का नाम अब सखी निवास
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और 15वें वित्त आयोग ने 2021-2022 से 2025-26 की अवधि में महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए एक समग्र और समेकित योजना मिशन शक्ति का क्रियान्वयन निर्धारित किया है. मिशन शक्ति के अंतर्गत पूर्व से चल रही योजनाओं का विलय किया गया है. यह मुख्य योजना है. जबकि इस योजना की दो प्रमुख उप योजना संबस और सामर्थ्य योजना नाम से क्रियान्वित की जानी है. सामर्थ्य (महिला सशक्तिकरण घटक) उप योजना के तहत पुरानी चल रही कामकाजी महिला छात्रावास योजना का नाम बदल कर सखी निवास किया गया है. इसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को डे केयर की सुविधाओं के साथ आवास की उपलब्धता को बढ़ावा देना है. इसे भी पढ़ें : फॉलोअप">https://lagatar.in/followup-fir-in-case-of-possession-of-two-plots-silence-on-two/">फॉलोअप: दो प्लॉट पर कब्जा के मामले में हुई प्राथमिकी, दो पर खामोशी ?
डीसी की अध्यक्षता में गठित समिति करेंगी एनजीओ का चयन
महिला, बाल विकास विभाग के प्रावधानों के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में सखी निवास का संचालन योग्य एनजीओ और गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जायेगा. सभी जिलों के डीसी की अध्यक्षता में गठित समिति एनजीओ का चयन करेंगी. चयनित संस्थाओं या एजेंसियों को संचालन के लिए अनुदान राशि उपलब्ध करायी जायेगी. विभागीय सचिव ने जिलों के डीसी से सखी निवास के संचालन के लिए अनुशंसा के साथ योग्य एनजीओ, संस्थाओं का प्रस्ताव मिशन शक्ति के मार्गदर्शिका के अनुरूप मांगा है. इसे भी पढ़ें : गढ़वा">https://lagatar.in/garhwa-banshidhar-festival-will-be-grand-attractive-and-unprecedented-mithilesh-thakur/">गढ़वा: भव्य, आकर्षक व अभूतपूर्व होगा बंशीधर महोत्सव – मिथिलेश ठाकुर [wpse_comments_template]

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