Ranchi: राजधानी रांची में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की वार्डन्स के सशक्तिकरण के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत हुई है. इसका आयोजन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. जिसमें झारखंड एवं छत्तीसगढ़ में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की वार्डन्स शामिल हुई. कार्यशाला का उद्घाटन के निदेशक शशि रंजन ने किया.
आवासीय विद्यालय शिक्षा की रीढ़
उद्घाटन सत्र में शशि रंजन ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय राज्य में बालिका शिक्षा की रीढ़ बन चुके हैं. इन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है. प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर्स आगे चलकर झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की वार्डन्स को भी प्रशिक्षण देंगी, जिससे राज्यभर में गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा.
NIEPA की वाइस चांसलर प्रो. शशिकला वंजारी ने कहा कि वार्डन्स बालिकाओं के लिए केवल केयरटेकर नहीं बल्कि मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका निभाती हैं. यह कार्यशाला उन्हें नेतृत्व, परामर्श और प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगी.
NIEPA की परियोजना निदेशक सांत्वना मिश्रा ने बताया कि यह पूरी तरह गतिविधि आधारित प्रशिक्षण है, जिसमें छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, हॉस्टल प्रबंधन, लैंगिक संवेदनशीलता, बाल अधिकार और आपातकालीन प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं. यह रांची में आयोजित देश की सातवीं कार्यशाला है.
पांच दिवसीय यह कार्यशाला समग्र शिक्षा अभियान, वित्तीय अनुशासन, व्यक्तिगत स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक सशक्तिकरण जैसे पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य कस्तूरबा विद्यालयों में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवासीय वातावरण सुनिश्चित करना है.
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