Ranchi: झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स की एग्रीकल्चर मार्केट यार्ड उप समिति की बैठक बुधवार को चैम्बर भवन में सम्पन्न हुई. बैठक में कृषि मंडी क्षेत्र से जुड़ी मूलभूत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस पहल करने का निर्णय लिया गया.
बैठक के दौरान सदस्यों ने मंडी परिसर में स्ट्रीट लाइट की कमी, जर्जर सड़कों और अपर्याप्त सुरक्षा गार्ड की तैनाती को गंभीर चिंता का विषय बताया. उनका कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी बढ़ रहा है. वहीं, पर्याप्त रोशनी नहीं होने से व्यापारियों और मंडी में आने-जाने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
इस अवसर पर रांची चैम्बर ऑफ कॉमर्स, पंडरा तथा आलू-प्याज थोक विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने पंडरा टर्मिनल यार्ड में मतगणना पर न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के निर्णय पर प्रसन्नता जताई. उन्होंने इस विषय में पहल करने के लिए झारखंड चैम्बर के पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया.
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि कृषि मंडियां राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यहां बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा, लाइट और सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए संबंधित विभागों के साथ वार्ता की जाएगी. उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने मंडी क्षेत्र में सोलर लाइट की व्यवस्था को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस दिशा में जरेडा से भी बातचीत की जाएगी. उप समिति के चेयरमैन पंकज साबू ने प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया.
बैठक में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, उप समिति चेयरमैन पंकज साबू, रांची चैम्बर के अध्यक्ष संजय माहुरी, रोहित कुमार, रोबिन गुप्ता, राजीव कुमार, रितेश जैन, बिजेंद्र सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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