Lohardaga : कोयल नदी पर बने पुल में दरार के कारण रांची-लोहरदगा-टोरी रेललाइन ठप हो गई है, इस रूट पर ट्रेन परिचालन बंद होने से हजारों यात्री प्रभावित हो रहे हैं, इसके साथ ही इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों को कैंसल और डायवर्ट कर दिया गया है, जिससे यात्रा के समय में ज्यादा वक्त लग रहा है. रेल परिचालन बंद होने से लोहरदगा, गुमला, डाल्टेनगंज और आसपास के इलाकों के यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है.
रांची और टोरी के बीच है 11 स्टेशन
रांची-टोरी रेलखंड लोहरदगा और आसपास के इलाकों के लिए लाइफलाइन माना जाता है. इस रूट पर रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रांची-चोपन एक्सप्रेस, रांची-सासाराम एक्सप्रेस, लोहरदगा-रांची और रांची-लोहरदगा मेमू पैसेंजर सहित गुड्स ट्रेनें भी चलती है. रांची से टोरी के बीच 11 स्टेशन हैं. इसमें रांची के अलावा अरगोड़ा, पिस्का, इटकी, टांगरबसल्ली, नरकोपी, नगुआ, अकासी, इरगांव, लोहरदगा, बड़कीचापी और टोरी शामिल हैं.
रेलखंड पर ट्रेन परिचालन ठप होने से हजारों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यात्री सस्ता और सुगम रेलमार्ग छोड़कर बस से यात्रा करने के लिए मजबूर है. यात्रियों के अलावा गुड्स ट्रेन के रूट डायवर्जन से रेलवे को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है, साथ ही यात्रा के समय में अधिक वक्त लग रहा है.
ट्रेन कैंसल, रुट भी बदला
रेलखंड बंद होने से रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस लोहरदगा के बजाय मेसरा-बरकाकाना-टोरी होकर चलेगी. वहीं रांची-सासाराम एक्सप्रेस को 5 से 7 जनवरी तक रांची से कैंसल कर दिया गया है, जबकि सासाराम-रांची एक्सप्रेस को 6 से 8 जनवरी तक रद्द किया गया है. इसके अलावा, मेमू पैसेंजर ट्रेनों को 5 से 7 जनवरी तक रांची से नगजुआ तक ही चलेगी.
लोहरदगा स्टेशन तक कोई भी ट्रेन नहीं आएगी. रेलवे के मुताबिक, आगामी 7 जनवरी तक लोहरदगा स्टेशन में रेल परिचालन बाधित रहेगा. कुछ अधिकारियों का मानना है कि मरम्मत और सुरक्षा जांच के आधार पर यह अवधि बढ़कर दस दिन तक भी हो सकती है.
अधिकारियों ने दरार को गंभीरता से नहीं लिया
बता दें, रविवार को कोयल नदी पर बने भक्सो रेलवे पुल के 5 नंबर पिलर में दरार आने के बाद रांची से लोहरदगा आ रही मेमो ट्रेन आरएल-3 को समय रहते रोक दिया. घटना की सूचना मिलते ही रांची से डीआरएम अपनी तकनीकी टीम के साथ लोहरदगा पहुंचे. रेलवे के इंजीनियर पुल की मरम्मत कार्य में जुटे है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब तक पुल पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इस रूट पर ट्रेन परिचालन बहाल नहीं किया जाएगा. लोगों का कहना है कि एक पिलर में पहले से ही दरार थी, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं की गई. बाद में दूसरे पिलर में भी दरार आने के बाद मामला गंभीर हो गया और ट्रेन संचालन पूरी तरह से रोकी गई.
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