Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

रांची: झारखंड में आधे से ज्यादा कॉलेज एफलिएटेड, संसाधन की कमी

Advertisement
Advertisement
Ranchi: झारखंड में ज्यादातर कॉलेज एफलिएटेड हैं. इतना ही नहीं ये कमियों से भी जूझ रहे हैं, यदि आंकड़ों की बात करें तो झारखंड के कुल 207 कॉलेज है, जिसमें से 112 कॉलेज एफलिएटेड है. विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंदर कुल 44 कॉलेज है जिसमें से अंगीभूत कॉलेजों की संख्या 14 जबकि एफलिएटेड कॉलेजों की संख्या 30 है, सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के अंदर कुल 37 कॉलेज है जिसमें से अंगीभूत कॉलेजों की संख्या 20, एफलिएटड कॉलेजो की संख्या 17 है, वहीं रांची विश्वविद्यालय के अंदर कुल 39 कॉलेज है जिसमें से अंगीभूत कॉलेजों की 24 एफलिएटेड कॉलेजों की संख्या 15, नीलांबर पितांबर विश्वविद्यालय के अंदर कुल 20 कॉलेज हैं, जिसमें अंगीभूत कॉलेजों की संख्या 6 एफलिएटेड कॉलेजों कि संख्या 14 है, कोल्हान विश्वविद्यालय के अंदर कुल 35 कॉलेज हैं जिसमें अंगीभूत कॉलेजों की संख्या 19, एफलिएटेड कॉलेजो की सख्या 16, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अंदर कुल 32 कॉलेज हैं जिसमें से अंगीभूत कॉलेजों की संख्या 10, एफलिएटेड कॉलेजो की संख्या 22 है. झारखंड में कुल आठ विश्वविद्यालय हैं. इसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय और जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के अंदर कोई भी कॉलेज नहीं है. झारखंड में साल 2017 से पहले कुल पांच विश्वविद्यालय थे. तीन नए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय और बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय बने. हैं. इसे भी पढ़ें–अरसंडे">https://lagatar.in/current-death-case-in-arsande-family-will-get-5-lakh-compensation-per-deceased/">अरसंडे

में करंट से मौत मामलाः परिजनों को मिलेगा 5-5 लाख मुआवजा

स्वीकृत पद से आधे शिक्षक

झारखंड के उच्च शिक्षा संस्थान में संसाधन की कमी है. भवन की कमी और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं. राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्वीकृत पद से आधे शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है. कई एसे विश्वविद्यालय हैं जहां कई विषयों के स्थायी शिक्षक नहीं हैं. अनुबंध व घंटी आधारित शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है. बीबीएमकेयू और डीएसपीएमयू में तो भवन बना है लेकिन विश्वविद्यालय अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया. बीबीएमकेयू का कोई अपना भवन नहीं है. पूर्व में कुलपति रहे डॉ.अंजनी कुमार श्रीवास्तव अधूरे भवन का शिलान्यास करवा दिया था. जिसके वाद बहुत हो हंगामा भी हुआ. इसे भी पढ़ें–चौपारण">https://lagatar.in/opium-smugglers-chased-the-forest-department-team-in-chauparan-fled-with-the-caught-jcb/">चौपारण

में अफीम तस्करों ने वन विभाग की टीम को खदेड़ा, पकड़े गए जेसीबी लेकर भागे
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही