Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

रांची: द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से नारी शक्ति गदगद

Shruti Prakash Singh Ranchi: एक छोटे से जगह से निकल कर द्रौपदी मुर्मू ने भारत की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया है. कहते हैं किसी काम को अगर शिद्दत से किया जाए तो पूरी कायनात उसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है. ओडिशा में सिंचाई और बिजली विभाग में एक जूनियर असिस्टेंट से लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार नामित होने तक का सफर द्रौपदी मुर्मू का बेहद लंबा और मुश्किल सफर रहा है. वह अब आदिवासी (संथाल) समुदाय से ताल्लुक रखने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन गईं हैं. वह 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल भी रहीं. अपने छह साल के कार्यकाल में उन्होंने तमाम ऐसे काम किए जिसके लिए लोग उन्हें याद रखते हैं. महिलाओं में वह खासी लोकप्रिय रहीं. जब वह देश की राष्ट्रपति बन गईं, तब इस संवाददाता ने राजधानी की संभ्रांत महिलाओं से उनके बारे में बातचीत की. इसे भी पढ़ें-रांची:">https://lagatar.in/ranchi-the-ninth-session-of-the-fifth-assembly-will-also-run-without-the-leader-of-the-opposition-the-game-of-check-box-continues/">रांची:

पंचम विधानसभा का नौवां सत्र भी बिना नेता प्रतिपक्ष के चलेगा, शह-मात का खेल जारी
[caption id="attachment_369253" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/pppp-1-300x278.jpeg"

alt="" width="300" height="278" /> पूनम आनंद[/caption]

बहुत गर्व महसूस हो रहा-पूनम आनंद

सोशल एक्टिविस्ट पूनम आनंद कहती हैंः बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि वह राष्ट्रपति बन गईं. मैंने बहुत बारीकी से झारखंड को समझा है और जाना है. मेरी जन्म भूमि मेरी कर्म भूमि सब यही है. यहां की महिला या बेटी अगर देश का नाम रौशन कर रही है, देश में आगे बढ़ रही है तो ये गर्व की बात है. वह झारखंड में छह साल गवर्नर रही हैं. हमें इसलिए ज्यादा खुशी हुई क्योंकि जब आप किसी को करीब से जानते हों और वो आज इतने बड़े पद की शपथ ले रहीं हो तो खुशी दोगुनी हो ही जाती है. मैं खुद झारखंड बाल कल्याण परिषद की संयुक्त सचिव हूं. जो भी गवर्नर होते हैं, वह इसके प्रेसीडेंट होते है. मैंने महामहिम को बहुत नजदीक से देखा है. मैंने उनके मार्गदर्शन में छह साल काम किया है. उनके काम करने का जो तरीका है, वह बेहतरीन है. वह सभी के प्रति प्रेम का भाव रखती हैं. अब देश को भी यह भाव देखने को मिलेगा. [caption id="attachment_369254" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/rrrrr-360x504.jpeg"

alt="" width="360" height="504" /> रमा खलखो[/caption]

बेहतर होने की उम्मीद बढ़ी- रमा खलखो

रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो कहती हैं कि आज देश भर ने आदिवासी नेतृत्व देख लिया. आदिवासी नेतृत्व अब कहां नहीं है. स्टेट में है, अब देश में भी हो गया. आज राष्ट्रपति जैसे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर संथाल की महिला को बैठा देख कर काफी अच्छा लग रहा है. मेरे साथ साथ पूरे समुदाय की आस बढ़ गई है. ये भाव जगा है कि संवैधानिक पद पर रह कर के जो आदिवासियों को संविधान में जो अधिकार दिया गया है, वह अब हमें मिलेगा. अब सब बेहतर होने की उम्मीद बंधी है. इसे भी पढ़ें-साहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-eds-stir-in-the-district-again-intensified-ed-officials-reached-dmo-and-dfos-office/">साहिबगंज

: जिले में ईडी की हलचल फिर तेज़, डीएमओ व डीएफओ के कार्यालय पहुंचे ईडी के पदाधिकारी
[caption id="attachment_369257" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/sssss-360x504.jpeg"

alt="" width="360" height="504" /> सुनीता यादव[/caption]

महिला सशक्तिकरण में देंगी अमूल्य योगदान-सुनीता यादव

समाजसेवी डॉक्टर सुनीता यादव कहती हैंः सरल, मृदुभाषी एवं अत्यंत सौम्य स्वभाव की द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर प्रथम आदिवासी के रूप में आसीन हुई हैं. यह हमलोगो के लिए बहुत ही गर्व का विषय है. मयूरभंज जिले के छोटे से गांव की महिला ने पूर्व में झारखंड में महामहिम राज्यपाल के पद को सुशोभित किया है. रांची में कई कार्यक्रमों में उन्हें नजदीक से देखने और सुनने का मौका मिला है, वे सदा सहन सुलभ रही हैं. आज ऐसा अनुभव हो रहा है कि वह हमारे घर की अभिभावक हैं एवं अपनों के बीच से ही देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं. आशा करती हूं कि आने वाले दिनों वह महिला उत्थान एवं महिला सशक्तिकरण के कार्य को आगे बढ़ाने में अमूल्य योगदान देंगी. [caption id="attachment_369259" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/uuuuu-360x504.jpeg"

alt="" width="360" height="504" /> उमा सिन्हा[/caption]

द्रौपदी मुर्मू हिम्मत नहीं हारने वाली महिला- उमा सिन्हा

रांची की सीडीपीओ उमा सिन्हा कहाः द्रौपदी जी के राष्ट्रपति पद पर आरूढ़ होने से मन खुश है. आपको पता ही होगा कि द्रौपदी जी झारखंड की राज्यपाल भी रही हैं. द्रौपदी जी हिम्मत नही हारने वाली महिला हैं. ईश्वर उन्हें न्यायप्रिय राष्ट्रपति बनने की शक्ति दे. आज राज्य के लिए उत्सव मनाने का दिन है. [caption id="attachment_369263" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/nnnn-360x504.jpeg"

alt="" width="360" height="504" /> नेहा रानी[/caption]

पूरे देश के लिए गर्व की बात- डॉ. नेहा रानी

डॉक्टर नेहा रानी कहती हैंः मैं खुद एक महिला डॉक्टर हूं. ईस्टर्न स्टेट को रिप्रेजेंट करने वाले हमारी राष्ट्रपति को देख कर काफी खुशी हो रही है. उन्होंने हम सब के लिए एक बड़ा उदाहरण पेश किया है. एक महिला को हर मोड़ पर दिक्कत आती है, चाहे वो गृहिणी हो या फिर डॉक्टर या फिर टीचर. पर उन हालात का सामना कर आज देश की प्रथम महिला बनना पूरे देश के लिए गर्व की बात है. हमे और हमारे आने वाले पीढ़ी ये देख पाएगी कि अब झारखंड भी पीछे नहीं है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही