पंचम विधानसभा का नौवां सत्र भी बिना नेता प्रतिपक्ष के चलेगा, शह-मात का खेल जारी [caption id="attachment_369253" align="aligncenter" width="300"]
alt="" width="300" height="278" /> पूनम आनंद[/caption]
बहुत गर्व महसूस हो रहा-पूनम आनंद
सोशल एक्टिविस्ट पूनम आनंद कहती हैंः बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि वह राष्ट्रपति बन गईं. मैंने बहुत बारीकी से झारखंड को समझा है और जाना है. मेरी जन्म भूमि मेरी कर्म भूमि सब यही है. यहां की महिला या बेटी अगर देश का नाम रौशन कर रही है, देश में आगे बढ़ रही है तो ये गर्व की बात है. वह झारखंड में छह साल गवर्नर रही हैं. हमें इसलिए ज्यादा खुशी हुई क्योंकि जब आप किसी को करीब से जानते हों और वो आज इतने बड़े पद की शपथ ले रहीं हो तो खुशी दोगुनी हो ही जाती है. मैं खुद झारखंड बाल कल्याण परिषद की संयुक्त सचिव हूं. जो भी गवर्नर होते हैं, वह इसके प्रेसीडेंट होते है. मैंने महामहिम को बहुत नजदीक से देखा है. मैंने उनके मार्गदर्शन में छह साल काम किया है. उनके काम करने का जो तरीका है, वह बेहतरीन है. वह सभी के प्रति प्रेम का भाव रखती हैं. अब देश को भी यह भाव देखने को मिलेगा. [caption id="attachment_369254" align="aligncenter" width="360"]alt="" width="360" height="504" /> रमा खलखो[/caption]
बेहतर होने की उम्मीद बढ़ी- रमा खलखो
रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो कहती हैं कि आज देश भर ने आदिवासी नेतृत्व देख लिया. आदिवासी नेतृत्व अब कहां नहीं है. स्टेट में है, अब देश में भी हो गया. आज राष्ट्रपति जैसे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर संथाल की महिला को बैठा देख कर काफी अच्छा लग रहा है. मेरे साथ साथ पूरे समुदाय की आस बढ़ गई है. ये भाव जगा है कि संवैधानिक पद पर रह कर के जो आदिवासियों को संविधान में जो अधिकार दिया गया है, वह अब हमें मिलेगा. अब सब बेहतर होने की उम्मीद बंधी है. इसे भी पढ़ें-साहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-eds-stir-in-the-district-again-intensified-ed-officials-reached-dmo-and-dfos-office/">साहिबगंज: जिले में ईडी की हलचल फिर तेज़, डीएमओ व डीएफओ के कार्यालय पहुंचे ईडी के पदाधिकारी [caption id="attachment_369257" align="aligncenter" width="360"]
alt="" width="360" height="504" /> सुनीता यादव[/caption]
महिला सशक्तिकरण में देंगी अमूल्य योगदान-सुनीता यादव
समाजसेवी डॉक्टर सुनीता यादव कहती हैंः सरल, मृदुभाषी एवं अत्यंत सौम्य स्वभाव की द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर प्रथम आदिवासी के रूप में आसीन हुई हैं. यह हमलोगो के लिए बहुत ही गर्व का विषय है. मयूरभंज जिले के छोटे से गांव की महिला ने पूर्व में झारखंड में महामहिम राज्यपाल के पद को सुशोभित किया है. रांची में कई कार्यक्रमों में उन्हें नजदीक से देखने और सुनने का मौका मिला है, वे सदा सहन सुलभ रही हैं. आज ऐसा अनुभव हो रहा है कि वह हमारे घर की अभिभावक हैं एवं अपनों के बीच से ही देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित कर रही हैं. आशा करती हूं कि आने वाले दिनों वह महिला उत्थान एवं महिला सशक्तिकरण के कार्य को आगे बढ़ाने में अमूल्य योगदान देंगी. [caption id="attachment_369259" align="aligncenter" width="360"]alt="" width="360" height="504" /> उमा सिन्हा[/caption]
द्रौपदी मुर्मू हिम्मत नहीं हारने वाली महिला- उमा सिन्हा
रांची की सीडीपीओ उमा सिन्हा कहाः द्रौपदी जी के राष्ट्रपति पद पर आरूढ़ होने से मन खुश है. आपको पता ही होगा कि द्रौपदी जी झारखंड की राज्यपाल भी रही हैं. द्रौपदी जी हिम्मत नही हारने वाली महिला हैं. ईश्वर उन्हें न्यायप्रिय राष्ट्रपति बनने की शक्ति दे. आज राज्य के लिए उत्सव मनाने का दिन है. [caption id="attachment_369263" align="aligncenter" width="360"]alt="" width="360" height="504" /> नेहा रानी[/caption]

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