Ranchi News : अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा (जेसीएएम) ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रतिवाद सभा की. सभा में वक्ताओं ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे न्याय की मांग के खिलाफ बताया और नियुक्ति रद्द करने की मांग की.
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आइसा के रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका को लेकर भाजपा से जुड़े लोगों पर भी आरोप लगाए गए थे. ऐसे में दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया जाना न्याय का मखौल है.
झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि भले ही दुष्यंत कुमार गौतम पर लगे आरोप साबित नहीं हुए हैं, लेकिन सवाल यह है कि आरोपों की जांच ही नहीं हुई. उन्होंने कहा कि भाजपा को दुष्यंत कुमार गौतम और अजेय कुमार को जांच का सामना करने के लिए कहना चाहिए था.
ऐपवा की नंदिता भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाया जाना जांच से बचाने की कोशिश हो सकती है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने पर संवैधानिक संरक्षण से जुड़ी बाधाएं आती हैं.
आइसा की रांची जिला सचिव संजना मेहता ने कहा कि यह नियुक्ति अंकिता भंडारी के माता-पिता और उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. उन्होंने नियुक्ति की कड़ी निंदा करते हुए इसे रद्द करने की मांग की.
प्रतिवाद सभा में आइसा के झारखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सोहेल अंसारी, जेसीएएम अध्यक्ष दयाराम, आइसा के रांची उपाध्यक्ष मो. समी, सुनील सोरेन, सुफियान, सुहानी मेहता, मजहर, आकाश रंजन, सदफ, बादल भोक्ता, कबीर, निखिल राज, अरबाज, सोनू और पंकज समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
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