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Ranchi News : डोरंडा कॉलेज की नीड-बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर अमिया सुरीन का निधन

Ranchi : रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध डोरंडा कॉलेज के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (मुंडारी) विभाग में कार्यरत नीड-बेस्ड सहायक प्राध्यापिका डॉ. अमिया सुरीन (48) का सोमवार देर रात निधन हो गया. उनके निधन के बाद झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉन्ट्रैक्टुअल) एसोसिएशन ने कार्यस्थल पर मानसिक दबाव, मानदेय कटौती और नीड-बेस्ड शिक्षकों की सेवा परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.
 
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Ranchi : रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध डोरंडा कॉलेज के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (मुंडारी) विभाग में कार्यरत नीड-बेस्ड सहायक प्राध्यापिका डॉ. अमिया सुरीन (48) का सोमवार देर रात निधन हो गया. उनके निधन के बाद झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉन्ट्रैक्टुअल) एसोसिएशन ने कार्यस्थल पर मानसिक दबाव, मानदेय कटौती और नीड-बेस्ड शिक्षकों की सेवा परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. 

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एसोसिएशन द्वारा जारी बयान के अनुसार, डॉ. सुरीन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं. संगठन का दावा है कि बीमारी के बावजूद वे कॉलेज आती रहीं क्योंकि उन्हें अनुपस्थिति की स्थिति में क्लास कटने और मानदेय प्रभावित होने का डर था. एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले महीने उनके मानदेय में कटौती की गई थी, जिससे वे मानसिक तनाव में थीं.

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संगठन का कहना है कि शारीरिक बीमारी, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को और गंभीर बना दिया. हालांकि, डॉ. सुरीन की मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय अथवा प्रशासनिक स्तर से नहीं हुई है.


इस घटना के बाद एसोसिएशन ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से कई मांगें की हैं. संगठन ने पीड़ित परिवार को ₹50 लाख का आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, नीड-बेस्ड शिक्षकों के लिए सम्मानजनक सेवा शर्तें, मेडिकल लीव की व्यवस्था और मानदेय कटौती जैसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है.


एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि नीड-बेस्ड शिक्षकों को भय और असुरक्षा के माहौल में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.

 

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