Ranchi News : जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के पुतला दहन कार्यक्रम में छात्रा के साथ मारपीट की घटना हुई थी. उस घटना को लेकर सोमवार को पीड़िता प्रतिमा कुमारी के साथ बाबूलाल मरांडी समेत कई भाजपा नेता कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे.
बाबूलाल मरांडी ने झामुमो कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची समेत कई जगहों पर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकार के संरक्षण में प्रायोजित तरीके से कराया गया.
उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पुलिस करती तो बात समझ में आती, लेकिन राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर छात्रों से मारपीट किया जाना लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है.
भाजपा नेता ने कहा कि 26 दिनों तक छात्र धरना और भूख हड़ताल पर बैठे थे. इसके बाद सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने और नियुक्तियों से जुड़े मामलों की जांच के दायरे में लाने जैसे फैसले लिए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों के बाद छात्रों को लगा कि सरकार उनकी मांगों को सुन रही है, लेकिन बाद में स्थिति फिर बदल गई.
उन्होंने कहा कि छात्रों ने जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन का कार्यक्रम घोषित किया था. इसी दौरान कई जगहों पर झड़प और विवाद की स्थिति बनी. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि कथित तौर पर मारपीट करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने प्रशासन और मौके पर तैनात मजिस्ट्रेटों से सवाल करते हुए कहा कि यदि किसी प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कानून हाथ में लिया है तो उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो भाजपा कार्यकर्ता उनके कार्यालयों का घेराव करेंगे और उनसे कार्रवाई की मांग करेंगे.
भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि घोषित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गंभीर धाराएं क्यों लगाई गईं. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी न तो आतंकवादी थे और न ही सरकारी कामकाज में बाधा डालने आए थे. ऐसे में उनके खिलाफ लगाई गई धाराओं को लेकर प्रशासन को जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और आंदोलन कर रहे बच्चों को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा की जाए और जिन लोगों पर प्रदर्शनकारियों से मारपीट करने के आरोप हैं, उनके खिलाफ भी निष्पक्ष कार्रवाई की जाए.
अलग-अलग जिलों में झामुमो के स्थानीय नेताओं और जिला अध्यक्षों पर आंदोलनकारियों के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप सामने आए हैं. उन्होंने गिरिडीह और हजारीबाग के कथित घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को डंडे से पीटा गया. रामगढ़ में भी पुतला दहन करने वालों को लेकर कथित तौर पर धमकी दिए जाने की बात कही गई. हालांकि, इन आरोपों पर झामुमो और संबंधित प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
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