- सुखाड़ तैयारी, बीज वितरण और कृषि योजनाओं को लेकर राज्य स्तरीय कृषि कर्मशाला संपन्न
Ranchi : राज्य की कृषि व्यवस्था को अधिक मजबूत, संगठित और किसान-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि कर्मशाला का समापन हुआ. कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम किसान तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है.
मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष एल-नीनो प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई है. इसे देखते हुए सभी जिलों को आकस्मिक सुखाड़ योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है. कार्यशाला में जिलों द्वारा प्रस्तुत ड्राफ्ट कंटिजेंसी प्लान पर विस्तार से चर्चा कर राज्य स्तरीय समेकित कार्ययोजना तैयार की गई.
उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधा, कृषि ऋण, उर्वरक और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पंचायत स्तर तक किसानों की भागीदारी बढ़ाने, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया.
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन, उद्यानिकी और कृषि आधारित स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की वास्तविक सफलता का पैमाना है और राज्य सरकार खेती को लाभकारी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
कार्यशाला में आगामी खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना भी जारी की गई. इसके तहत 15 मई को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, 20 मई को जिला स्तरीय वृहद खरीफ कार्यशाला और 22 मई को सभी प्रखंड मुख्यालयों में खरीफ कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों में किसानों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
सरकार ने इस वर्ष बीज वितरण प्रक्रिया में लैम्प्स और पैक्स के साथ-साथ एफपीओ एवं स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है. वहीं, पशुपालन विभाग को मई के अंत तक वैक्सीनेशन और दवाइयों की खरीद प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जून से सभी पशु स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके.
इसके अलावा लंबित ट्रैक्टर और सोलर पंप वितरण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने, तालाब निर्माण कार्यों को मई अंत तक पूर्ण करने तथा मत्स्य विभाग को मत्स्य बीज वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. कृषि विभाग को उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर प्रतिदिन निगरानी करने को कहा गया है.
उद्यान विभाग को अगले दो माह में लाख उत्पादन और मधुमक्खी पालन के लिए क्लस्टर चिन्हित कर लाभुकों का चयन करने और उन्हें आवश्यक किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में सुधार लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जाएंगे.
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