Ranchi : झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की पेट्रोलियम एवं एक्सप्लोसिव उप समिति की बैठक सोमवार को चैंबर भवन में आयोजित हुई. बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के वैश्विक ऊर्जा बाजार पर संभावित प्रभावों और भारत में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई.
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बैठक में सदस्यों ने आशंका जताई कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ सकती है. इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ेगा, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की लागत, परिवहन व्यय और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है.

उप समिति ने एलपीजी उपभोक्ताओं को हो रही व्यावहारिक परेशानियों का भी मुद्दा उठाया. सदस्यों ने बताया कि दूसरी बार एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिनों की अनिवार्य अवधि पूरी होने के बाद भी डीएसी (DAC) नंबर जारी होने में करीब 15 दिनों का अतिरिक्त समय लग जाता है. इस कारण उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए कुल लगभग 40 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बैठक में जिला प्रशासन से इस व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने की मांग की गई.
बैठक में यह भी बताया गया कि फिलहाल झारखंड में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है. हालांकि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी चुनौती का समय रहते समाधान किया जा सके.
चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि शहर में गेल इंडिया द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेज गति से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध हो सके और एलपीजी पर निर्भरता भी कम हो.
बैठक में चैंबर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, पेट्रोलियम एवं एक्सप्लोसिव उप समिति के चेयरमैन जसविंदर सिंह, सदस्य किशन अग्रवाल, आनंद जालान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
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