Ranchi News : अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) और चाइल्डफंड इंडिया ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया. इसका उद्देश्य स्कूल से बाहर बच्चों (OoSC) की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है.
कार्यक्रम में JEPC के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, IAS, प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार, घटक प्रभारी विनिता तिर्की और चाइल्डफंड इंडिया की राज्य कार्यक्रम व साझेदारी विशेषज्ञ पॉलीनी समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए.
अभियान के तहत 3 से 18 वर्ष के स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान, नामांकन और उन्हें विद्यालय में बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है. जून 2026 तक 141 स्कूल से बाहर बच्चों से संपर्क किया गया, जिनमें 63 बच्चों का पुनः नामांकन या विद्यालय की मुख्यधारा में समावेशन हो चुका है. वहीं 55 बच्चों को सामाजिक-मनौवैज्ञानिक परामर्श और 85 बच्चों को पढ़ाई में पुनः समायोजित होने में शैक्षिक सहयोग दिया गया.
पांच प्रखंडों में 102 क्षमता-वर्धन बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 691 SMC और PRI सदस्यों ने भाग लिया. 92 शिक्षकों को OoSC, PRAYAS और IMPACT मॉड्यूल पर प्रशिक्षण दिया गया. अभियान के तहत 65 गांवों और विद्यालयों का दौरा भी किया गया.
JEPC के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि जब तक झारखंड का हर बच्चा विद्यालय नहीं पहुंचता, तब तक काम पूरा नहीं माना जा सकता. चाइल्डफंड इंडिया की विशेषज्ञ पॉलीनी ने कहा कि यह पहल बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ उन्हें पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही गरीबी से बाहर निकलने में मदद कर रही है.

