Ranchi: बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में जेल सुप्रिन्टेंडेंट द्वारा महिला बंदी को गर्भवती करने के मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति-सह झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने संज्ञान लिया है. उन्होंने रांची डालसा को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने और पीड़ित महिला को लिगल-ऐड देने की आदेश दिया.
उक्त आदेश के आलोक में झालसा के सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना की देखरेख में एवं न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 ने एक टीम का गठन किया. जिसमें मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ एवं अन्य महिला एलएडीसी का टीम गठित कर मामले की जांच के लिए बिरसा मुण्डा केंद्रीय कारा होटवार रांची भेजा गया.
डालसा टीम ने जांच के दौरान पाया कि किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं रखा गया था, जिस पर जेल सुप्रिन्टेंडेंट को निर्देश दिया गया कि दो दिनों के अंदर शिकायत पेटी वार्ड में लगाये. इसके अलावा जांच टीम ने पीड़ित महिला एवं वहां पर स्थित जेल पीएलवी एवं जेल डॉक्टर का बयान लिया.
इसके अलावा सभी वार्डों का निरीक्षण किया एवं मामले की जांच की. जांचोपरांत मामले का विस्तृत रिपोर्ट बनाकर झालसा को भेजी गयी है. रांची के डालसा सचिव ने बताया कि पीड़ित महिला को लिगल ऐड के रूप में उसे पैनल से कानूनी सहायता के लिए निःशुल्क अधिवक्ता मुहैया करायी गयी है. साथ ही जेल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित महिला का उचित ध्यान रखे.
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