Ranchi: राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने और उद्यमियों की समस्याओं को समझने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) ने विशेष सर्वे अभियान की शुरुआत की है. अभियान के तहत शुक्रवार को पतरातू, रामगढ़, हजारीबाग एवं बरही इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया गया.
इस निरीक्षण दौरे का नेतृत्व चैम्बर के सह सचिव रोहित पोद्दार ने किया. इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य तुलसी पटेल, नॉर्थ छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल, रामगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मंजीत साहनी और सचिव मनोज चतुरवेदी भी मौजूद रहे. अभियान को जियाडा के प्रबंध निदेशक एवं उद्योग विभाग का भी सहयोग प्राप्त हुआ.
निरीक्षण के दौरान चैम्बर प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय उद्यमियों के साथ बैठक कर औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की. उद्यमियों ने बताया कि अधिकांश इंडस्ट्रियल एरिया में पानी, बिजली, सड़क और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग की गई.
उद्यमियों ने कहा कि अलग विद्युत फीडर की व्यवस्था कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तो उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमित रूप से एएमसी शुल्क भुगतान के बावजूद सड़कों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. खराब सड़कों के कारण विशेषकर बारिश के मौसम में लोडिंग-अनलोडिंग कार्य प्रभावित होता है.
बैठक में दीर्घकालिक औद्योगिक नीति लागू करने, सब्सिडी एवं प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठी. कई उद्यमियों ने बताया कि उन्हें अब तक सब्सिडी का लाभ नहीं मिला है तथा कई औद्योगिक क्षेत्रों में अप्रोच रोड तक उपलब्ध नहीं है.
हजारीबाग के एक उद्यमी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व भूमि आवंटित होने के बावजूद अब तक पजेशन नहीं मिला है और जमा राशि भी वापस नहीं की गई. वहीं कुछ क्षेत्रों में निजी भूमि पर उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को भी जियाडा की ओर से मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उद्यमियों ने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उद्योग विभाग से समर्पित हेल्पलाइन जारी करने की मांग की.
बरही इंडस्ट्रियल एरिया में भी जर्जर सड़क, जल संकट और बिजली समस्या को लेकर उद्यमियों ने चिंता व्यक्त की. कई उद्यमियों ने प्लॉट आवंटन एवं भुगतान के बावजूद पजेशन नहीं मिलने की शिकायत की.
चैम्बर के सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करना है. उन्होंने बताया कि राज्य के लगभग 160 औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे उद्योग विभाग को सौंपा जाएगा ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके.
कार्यकारिणी सदस्य तुलसी पटेल ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत करना बेहद जरूरी है. वहीं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल ने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल कागजी प्रक्रिया से नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से संभव है.
इस अवसर पर ईओडीबी मैनेजर अंशुमान सिंह, श्याम कुमार, हजारीबाग चैम्बर के अध्यक्ष शम्भूनाथ अग्रवाल, सुबोध अग्रवाल, सुनिल अग्रवाल, राकेश ठाकुर तथा बरही इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके गर्ग सहित कई उद्यमी उपस्थित थे.
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