Search

Ranchi News: मानदेय बढ़ाने व हाईकोर्ट का आदेश लागू करने की मांग पर अंशकालीन शिक्षक धरना पर

Ranchi: कल्याण विभाग के अधीन संचालित आवासीय विद्यालयों में कार्यरत अंशकालीन शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर लोकभवन के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है. झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षक सरकार से मानदेय में वृद्धि और हाईकोर्ट के आदेश के पालन की मांग कर रहे हैं.

 

धरना में शामिल शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है. गुमला से आई अंग्रेजी शिक्षिका शबनम सुल्तान ने बताया कि वे नेतरहाट पहाड़ के ऊपरी क्षेत्र स्थित विद्यालय में पढ़ाने जाती हैं, जहां आने-जाने के लिए केवल बॉक्साइट ढोने वाले ट्रकों का सहारा लेना पड़ता है. उन्होंने बताया कि उनके साथ 6 महिला शिक्षकों को जंगलों के बीच घंटों ट्रक का इंतजार करना पड़ता है और खराब मौसम में भी कोई सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहती.

 

उन्होंने बताया कि शनिवार-रविवार समेत दशहरा, ईद, बकरीद, क्रिसमस और गर्मी की छुट्टियों का भुगतान भी काट लिया जाता है. शबनम ने कहा कि “हम असुर जनजाति के बच्चों को पढ़ाते हैं और उन्हें अपने बच्चों की तरह संभालते हैं, लेकिन आज आर्थिक तंगी ऐसी हो गई है कि परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है.

 

चतरा के आवासीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षक विनय कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें घंटे के हिसाब से भुगतान किया जाता है, जबकि अन्य विद्यालयों में शिक्षकों को मासिक वेतन मिलता है. उन्होंने बताया कि हर 11 महीने पर सेवा विस्तार दिया जाता है, लेकिन मार्च 2026 के बाद अब तक एक्सटेंशन नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि 2016 से अब तक मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है.

 

धरना में शामिल शिक्षक विकास कुमार जायसवाल ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई बार कल्याण विभाग और विभागीय मंत्री चमरा लिंडा से बातचीत की गई, लेकिन समाधान नहीं निकला. इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि अंशकालीन शिक्षकों को पहाड़िया विद्यालयों के शिक्षकों की तर्ज पर मानदेय दिया जाए. कोर्ट ने आदेश लागू करने के लिए 12 सप्ताह का समय दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.अंशकालीन शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//