Ranchi : पंडरा में एक मकान में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने का मामला सामने आया है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी कर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करते हुए तीन लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया.
मौके से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन भी जब्त की गई है. आरोपियों के खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी (PC & PNDT) एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को सूचना मिली थी कि रवि स्टील चौक के समीप एक मकान में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित किया जा रहा है. सूचना के सत्यापन के बाद असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रभात कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई.
छापेमारी के दौरान टीम ने तीन लोगों को पोर्टेबल यूएसजी मशीन (मेक : Micromaxx, सीरियल नंबर : WK1DPQ) के साथ गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करते हुए पकड़ा. गिरफ्तार आरोपियों में सुरंजन कुमार, आकाश कुमार और शीला कुमारी शामिल हैं.
पूछताछ के बाद इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. छापेमारी के दौरान एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, रातू थाना पुलिस, पीसी एंड पीएनडीटी सेल के कर्मी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन
प्राथमिक जांच में सामने आया कि अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन बिना वैध पंजीकरण के किया जा रहा था. अधिकारियों के अनुसार, यह पीसी एंड पीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) Act का स्पष्ट उल्लंघन है. इस कानून के तहत भ्रूण के लिंग की जांच और लिंग निर्धारण पूरी तरह प्रतिबंधित है.
थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश
सिविल सर्जन ने रातू थाना प्रभारी को पत्र भेजकर तीनों आरोपियों के खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिए है.जब्त मशीन एवं अन्य साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया गया है. मामले को न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा.
लिंग निर्धारण पर सख्त नजर : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार के अवैध अल्ट्रासाउंड और लिंग निर्धारण संबंधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
सिविल सर्जन ने चिकित्सकों और अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मशीन जब्ती, लाइसेंस रद्द करने तथा जेल भेजने तक की कार्रवाई की जायेगी.
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