- सामान्य परिषद को मिला आंदोलन व हड़ताल की रूपरेखा तय करने का जिम्मा
Ranchi: कार्मिक सचिव के फैसलों के खिलाफ रविवार को हटिया स्थित पशुपालन भवन में सचिवालय सेवा संघ की आम सभा का आयोजन हुआ. आम सभा में पदोन्नति नियमावली में संशोधन को लेकर अधिकारियों का आक्रोश फूट पड़ा. इस बैठक में संघ के 800 से अधिक अधिकारी शामिल हुए.
बैठक के दौरान कार्मिक विभाग के वर्तमान सचिव प्रवीण उमर टोप्पो के रवैये की तीखी आलोचना की गई. संघ का कहना है कि सचिव के निर्णय सचिवालय सेवा के हितों के विपरीत हैं, जिससे पदोन्नति व्यवस्था, मनोबल और गरिमा प्रभावित हो रही है. अधिकारियों ने साफ कहा कि कैडर हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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विभागीय रुख को देखते हुए आम सभा ने आंदोलन की रूपरेखा तय की. सभा ने सामान्य परिषद को आंदोलन और जरूरत पड़ने पर हड़ताल की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी. हालांकि, भविष्य में हड़ताल का अंतिम फैसला लेने के लिए सामान्य परिषद का कम से कम 75 प्रतिशत कोरम होना अनिवार्य किया गया है.
बैठक में संगठन को प्रशासनिक और वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास हुए. संघ के खातों के ऑडिट के लिए कार्यकारिणी को अधिकृत किया गया. संगठन की आर्थिक मजबूती के लिए सदस्यों के लिए 200 रुपये मासिक या 2400 रुपये वार्षिक सदस्यता शुल्क तय हुई. यह राशि स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन के माध्यम से सीधे ली जाएगी. इसके अलावा, सदस्यों के सहयोग के लिए संघ कल्याण कोष नियमावली के गठन को भी मंजूरी दी गई.
आम सभा में संगठन के नए पदाधिकारी का चयन भी किया गया. स्वास्थ्य कारणों से कोषाध्यक्ष अवध किशोर भगत का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया. उनके स्थान पर कार्यकारिणी के संयुक्त सचिव हेम नारायण सिंह को संघ का नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया.
संघ ने सरकार से सचिवालय सेवा के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार तत्काल बंद करने की मांग की है. इसके लिए संघ की कार्यकारिणी समिति जल्द ही मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराएगी. संघ ने चेतावनी दी है कि सुधार न होने पर लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और कार्मिक विभाग की होगी.
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