- 6 मई को आर-पार की चेतावनी
Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के कॉमर्स विभाग में लगभग 100% फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है.पिछले छह महीनों से आदिवासी छात्र संघ और आइसा (AISA) के संयुक्त नेतृत्व में छात्र इस बढ़ोतरी के विरोध में आंदोलनरत हैं. छात्रों का कहना है कि पहले जहां फीस 5000 से 7000 रूपये थी, उसे अचानक बढ़ा कर दोगुना रूपये कर दिया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर भारी बोझ पड़ रहा है.

हाल ही में आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव किया. हालांकि, कुलपति के लखनऊ में होने के कारण इस दौरान कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका. रजिस्ट्रार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि कुलपति के 6 मई को लौटने के बाद फीस कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक कर इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा.
आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष अमृत मुंडा और छात्र नेता वसीम अंसारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने और उन्हें ठगने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के साथ-साथ विश्वविद्यालय में कई अन्य गंभीर समस्याएं भी बनी हुई हैं.
छात्रों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है. इसके अलावा भीषण गर्मी के बावजूद परिसर में वाटर फिल्टर खराब पड़े हैं, जिससे छात्रों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है. वहीं, शिक्षकों पर भी समय पर कक्षाएं नहीं लेने और बिना पढ़ाए वेतन लेने के आरोप लगाए गए हैं.
छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 6 मई तक फीस वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय की तर्ज पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, विश्वविद्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा और न्याय के लिए हाई कोर्ट का रुख भी किया जा सकता है. प्रशासन को इस संबंध में 6 मई तक का अल्टीमेटम दिया गया है.
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