- विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
Ranchi News : गोस्सनर कॉलेज में दो दिवसीय युवा महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई. महाविद्यालय की प्रो-इंचार्ज प्रो. इलानी पूर्ति ने स्वागत भाषण दिया, जबकि मास कम्युनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन विभाग की एचओडी प्रो. महिमा गोल्डेन बिलुंग ने कार्यक्रम का संचालन किया.
कार्यक्रम की सफलता के लिए डॉ. बिंदु सोरेंग ने प्रार्थना की. डॉ. मीना तिर्की ने कार्यक्रम की जानकारी दी और डॉ. मृदुला खेस ने प्रतियोगिताओं से संबंधित दिशा-निर्देश दिए.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिशप रेव. सीमांत संदीप तिर्की उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि उन्हें गोस्सनर कॉलेज आना हमेशा अच्छा लगता है और वे इस कॉलेज के एल्युमिनी भी हैं.

विद्यार्थियों ने लिया बढ़-चढ़कर भाग
उन्होंने कहा कि पहले एक कहावत हुआ करती थी-खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब, पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब. लेकिन आज के दौर में यदि विद्यार्थी अपनी कला और प्रतिभा को सबके सामने लाते हैं, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में भी सकारात्मक संदेश जाता है. उन्होंने विद्यार्थियों से हर प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की.
युवा महोत्सव के तहत विद्यार्थियों के लिए क्लासिकल वोकल सोलो, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो, फोक डांस, क्लासिकल डांस, कोलाज, वाद-विवाद, पॉटरी मेकिंग, रंगोली, क्ले मॉडलिंग और पेंटिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.प्रतियोगिताओं के विषय भी अलग-अलग रखे गए.
वाद-विवाद का विषय ‘एआई की चुनौतियां व संभावनाएं,ऑन द स्पॉट पेंटिंग का विषय युवा कला व संस्कृति की एक झलक, युवा महोत्सव 2026, कोलाज का विषय प्राकृतिक विपदाएं व चुनौतियां और पोस्टर मेकिंग का विषय ‘झारखंड की लोक संस्कृति व खान-पान रहा.
वहीं क्ले मॉडलिंग में गोस्सनर महाविद्यालय भवन, कार्टूनिंग में ‘विकसित भारत 2047 और रंगोली में करमा महोत्सव विषय रखा गया.कार्यक्रम में बर्सर प्रो. प्रवीण सुरीन, शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. विनय हांसदा, स्टाफ सेक्रेटरी डॉ. हेमंत टोप्पो, डॉ. ए.के. लाल, डॉ. पी.के. गुप्ता, डॉ. ईवा हांसदा, डॉ. विनय जॉन, डॉ. ज्योति टोप्पो, डॉ. अनीमा हांसदा, प्रो. आशा रानी केरकेट्टा, प्रो. गौतम एक्का, डॉ. प्रशांत गौरव, डॉ. अनिता रंजन, प्रो. जे.पी. केसरी, प्रो. संतोष कुमार सहित अन्य शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे.कार्यक्रम को सफल बनाने में कल्चरल कमिटी के डॉ. सुब्रतो सिन्हा, डॉ. दिव्या रतन कोनगाड़ी, डॉ. सलमा केरकेट्टा, प्रो. श्वेता लकड़ा सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा.

