Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और बर्बरता की कहानी रांची की युवती ने बताई. नूतन टोप्पो ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पुलिस के क्रूरता की आपबीती सुनाई. छात्रा नूतन टोप्पो ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और सभी छात्र-छात्राएं शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.
उन्हें संसद की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई और रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी गई. नूतन टोप्पो ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया. उन्होंने कहा कि लगातार बड़ी संख्या में आंसू गैस के गोले दागे गए, जिससे प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे.
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उनका आरोप है कि उन्हें राजीव चौक तक ले जाया गया, जहां कई सुरक्षाकर्मी बिना नेम प्लेट और पहचान के मौजूद थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ सुरक्षाकर्मी हथियारों के साथ तैनात थे और पार्क के अंदर जाने पर भी आंसू गैस छोड़ी जा रही थी.
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान गोली चलने की घटना हुई, जिसमें एक गोली उनके कान के बेहद करीब से गुजर गई. इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया. वहां उनके कान की सर्जरी की गई.
रांची की रहने वाली नूतन टोप्पो ने बताया कि वह गुरुग्राम में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ काम भी करती हैं. घटना के बाद से उन्हें सुनने में परेशानी हो रही है और वह अभी भी इलाज करा रही हैं.
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