Ranchi : कांके थाना क्षेत्र के हुसीर मौजा स्थित 40 डिसमिल जमीन पर एसडीओ कोर्ट द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य कराने पहुंची निशा भगत को गुरुवार को कांके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उनके साथ बुधनी उरांव उर्फ भगताइन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद देर शाम जेल भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार, विवादित जमीन पर जबरन छत ढालने की सूचना मिलने पर कांके अंचल अधिकारी अमित भगत, इंस्पेक्टर कुणाल कुमार, सब इंस्पेक्टर प्रवीण रजक, अरविंद कुमार समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए यथास्थिति बनाए रखने की अपील की, लेकिन निर्माण कार्य रोकने से इनकार कर दिया गया.
बताया जाता है कि बुधनी उरांव और उनके परिजनों ने निर्माण कार्य जारी रखा. इसी दौरान निशा भगत भी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का समर्थन करने लगीं. पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान उन्होंने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया और छत पर चढ़ गईं. इस दौरान वे प्रशासनिक अधिकारियों और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के खिलाफ बयानबाजी करते हुए निर्माण कार्य जारी रखने की बात कहती रहीं.
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती बरती. काफी समझाने-बुझाने और मशक्कत के बाद भी जब वे बाहर नहीं निकलीं तो पुलिस ने खिड़की के पास की ईंटें तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और निशा भगत को हिरासत में ले लिया. इसके बाद बुधनी उरांव को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
मौके पर निर्माण कार्य को लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा. पुलिस और विरोध कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी. हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना और प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा पहुंचाने के मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है. पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है.
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