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रांची : हज यात्रियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

राजधानी रांची स्थित हज हाउस में हज यात्रियों आजमीन-ए-हज के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आगामी हज यात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया.
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  • बेहतर सुविधाओं और निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का आश्वासन

Ranchi : राजधानी रांची स्थित हज हाउस में हज यात्रियों आजमीन-ए-हज के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आगामी हज यात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया. 

 

कार्यक्रम का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा से पूर्व आवश्यक प्रक्रियाओं, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों, आवागमन, आवास व्यवस्था तथा मक्का और मदीना में इबादत के तौर-तरीकों की समुचित जानकारी उपलब्ध कराना था, ताकि वे पूरी तैयारी और समझ के साथ पवित्र यात्रा पर प्रस्थान कर सकें.

 

विशेषज्ञ टीम ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हज यात्रा के विभिन्न चरणों को क्रमवार समझाया. इसमें एहराम की प्रक्रिया, तवाफ, सई, अराफात में वुकूफ, मुजदलिफा और मिना में रुकने की व्यवस्थाओं सहित सऊदी अरब में निर्धारित नियमों और अनुशासन का पालन करने पर विशेष बल दिया गया.

 

यात्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश और संपर्क संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे संबंधित अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर सकें.

 

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सह हज कमेटी के चेयरमैन डॉ अंसारी ने उपस्थित हज यात्रियों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.

 

उन्होंने कहा कि हज एक पवित्र और आध्यात्मिक यात्रा है, जिसे सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि झारखंड से जाने वाले सभी हाजियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

 

उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में हज यात्रियों की सुविधाओं में कमी आई है तथा अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई दे रही है.

 

उन्होंने बताया कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के प्रयासों से रांची से जद्दा के लिए सीधी उड़ान की व्यवस्था थी, जिससे राज्य के हाजियों को बड़ी राहत मिलती थी, लेकिन बाद में यह सेवा बंद कर दी गई.

 

इसके कारण अब झारखंड के हज यात्रियों को कोलकाता से यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे समय, धन और श्रम तीनों की अतिरिक्त लागत वहन करनी पड़ती है.

 

डॉ अंसारी ने नए नियमों के तहत अनिवार्य की गई 11 महंगी चिकित्सीय जांचों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश जारी कर दिया है कि हज पर जाने वाले सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच निःशुल्क सुनिश्चित की जाए.

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हाजी से चिकित्सा परीक्षण के नाम पर अनावश्यक शुल्क नहीं लिया जाएगा और यदि ऐसी शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

 

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि हज यात्रियों की सेवा और उनकी सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

 

उन्होंने हाजियों से अपील की कि वे पवित्र यात्रा के दौरान अपने साथ-साथ झारखंड और पूरे देश में अमन, चैन और शांति के लिए दुआ करें. कार्यक्रम के अंत में यात्रियों ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया.

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