: नक्सलियों के कोर जोन होने का तस्कर उठा रहे फायदा, सारंडा जंगल के रास्ते धड़ल्ले से होती है गांजे की तस्करी
रैयत बिगवा मुंडा वल्द कर्मा मुंडा के नाम से बेलगान दर्ज
जमीन मूल पंजी वर्तमान भाग (वॉल्यूम) 1पृष्ठ संख्या 51 में खतियानी रैयत बिगवा मुंडा वल्द कर्मा मुंडा के नाम से बेलगान दर्ज है. वॉल्यूम-1 में बिगवा मुंडा वल्द कर्मा मुंडा के नाम में को गोल घेरा लगा दिया गया है और ठीक उसके नीचे राम लाल साहू पिता मांडू राम साहू का नाम चढ़ा दिया गया है. राम लाल साहू का नाम वॉल्यूम -1 में किस आधार पर और किसके आदेश से चढ़ाया गया, यह स्पष्ट नहीं है सिर्फ नाम दर्ज कर दिया गया है. मूल पंजी वर्तमान भाग (वॉल्यूम) 1 पृष्ठ संख्या 51 को ऑनलाइन किया गया है, जिसमें खतियानी रैयत बिगवा मुंडा वल्द कर्मा मुंडा का नाम गायब कर राम लाल साहू पिता मांडू राम साहू का नाम दर्ज कर दिया गया है. वहीं ऑनलाइन रिकॉर्ड में जमीन को बेलगान दिखाया गया है. सके अलावा आदेश और केस संख्या जहां दर्ज रहता है,उस कॉलम में परिवर्तन के लिए प्राधिकार लिखा हुआ है.alt="" width="600" height="400" />
ऑनलाइन में पन्ना फटने को बतायी गयी वजह
मूल पंजी वर्तमान भाग (वॉल्यूम) - 2 पृष्ठ संख्या 171 में भी खतियानी रैयत बिगवा मुंडा वल्द कर्मा मुंडा का नाम गायब कर दिया गया है. उसकी जगह पर पंजी-2 में राम लाल साहू पिता मांडू राम साहू का नाम दर्ज कर दिया गया है. वहीं पंजी -2 में ये भी लिख दिया गया है कि पन्ना फटने की वजह से नाम में घेरा लगाकर उसके नीचे लिख दिया गया है. इसमें भी ये स्पष्ट नहीं है कि किस अधिकारी के आदेश पर पंजी-2 में राम लाल साहू का नाम दर्ज किया गया. इतना ही नहीं मूल पंजी वर्तमान भाग (वॉल्यूम)-2पृष्ठ संख्या 171 को ऑनलाइन दर्ज किया गया. साथ ही रामलाल साहू पिता मांडू राम साहू जाति तेली चढ़ाकर खतियानी रैयत बिगवा मुंडा वल्द कर्मा मुंडा का नाम ही गायब कर दिया गया. जिसमें मौजा हुजीर खाता-51 प्लॉट नंबर 26, 106, 368 ,369, कुल रकबा 2 एकड़ 9 डिसमिल का ऑनलाइन रसीद राम लाल साहू के नाम से निर्गत किया गया. इससे भी ज्यादा गंभीर ये है कि जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कॉलम में भी पन्ना फटने को ही वजह बताया गया है. जिस कॉलम में केस नंबर दर्ज होता है, उस कॉलम में परिवर्तन के लिए प्राधिकार दर्ज है.alt="" width="600" height="400" />
उपायुक्त को लिखा गया पत्र
इस मामले की शिकायत के बाद कमिश्नर ने 23 मई को भूमि सुधार उप समाहर्ता रांची को पत्र लिखा. पत्रांक-1427 के माध्यम से कमिश्नर ने जांच का आदेश दिया और इंविस्टिगेशन रिपोर्ट भी तलब की थी. लेकिन मामले में अब तक जांच नहीं की गयी. इस मामले में फिर से आयुक्त को आवेदन देकर जांच की मांग की गयी है, ताकि जल्दी न्याय मिल सके.न्याय नहीं मिलने पर होगा आंदोलन
इसे बारे में बिरसा मुंडा भ्रष्टाचार निरोधक संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष सरफराज अंसारी कहा है कि जल्द इसकी जांच कराके किसान की जमीन वापस की जाये. नहीं तो इसे विधायकों के माध्यम से मामले को विधानसभा में उठायेंगे और चरणबद्ध आंदोलन भी करेंगे. इसे भी पढ़ें -SC">https://lagatar.in/sc-considers-revdi-culture-a-serious-issue-asked-whether-the-government-of-india-also-believes-additional-solicitor-general-election-commission-made-his-point/">SCने रेवड़ी कल्चर को गंभीर मुद्दा माना, पूछा, भारत सरकार भी मानती है क्या? अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, चुनाव आयोग ने अपनी बात रखी [wpse_comments_template]

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