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Ranchi : नोज रिंग पहना, तो उर्सुलाइन स्कूल ने छात्रा को किया निष्कासित, ABVP का प्रदर्शन

Ranchi : उर्सुलाइन स्कूल में एक छात्रा को नोज रिंग पहनने के कारण स्कूल से निष्कासित किए जाने का मामला सामने आया है. घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया और स्कूल प्रशासन पर धर्म, क्षेत्र और छात्रा के सम्मान से जुड़े गंभीर आरोप लगाए.
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Ranchi : उर्सुलाइन स्कूल में एक छात्रा को नोज रिंग पहनने के कारण स्कूल से निष्कासित किए जाने का मामला सामने आया है. घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया और स्कूल प्रशासन पर धर्म, क्षेत्र और छात्रा के सम्मान से जुड़े गंभीर आरोप लगाए.

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छात्रा जूही सिंह का कहना है कि 16 जून से कक्षाएं शुरू हुई थीं. छात्रा के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने उसे नोज रिंग हटाने के लिए कहा. उसने बताया कि मेडिकल कारणों से वह तुरंत नोज रिंग नहीं निकाल सकती थी और इस संबंध में जानकारी भी दी गई, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई. छात्रा का आरोप है कि बिना किसी लिखित नोटिस के उसे स्कूल से निकाल दिया गया.


छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि कक्षा में अन्य छात्राएं भी नोज रिंग पहनती हैं, लेकिन केवल उसके खिलाफ कार्रवाई की गई. उसने दावा किया कि उसके साथ धर्म और क्षेत्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं.

 

छात्रा के अभिभावकों ने बताया कि जूही का इलाज चल रहा था, इसलिए उन्होंने स्कूल प्रशासन से नोज रिंग हटाने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था. उनका आरोप है कि प्रिंसिपल ने समय देने से इनकार कर दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. अभिभावकों का यह भी कहना है कि स्कूल की नियमावली में नोज रिंग पर स्पष्ट प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है.

 

इधर, एबीवीपी ने केंद्रीय कार्य समिति सदस्य के नेतृत्व में स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए छात्रा का निष्कासन तत्काल वापस लेने की मांग की. परिषद ने आरोप लगाया कि छात्रा के चरित्र पर टिप्पणी की गई और छात्रों पर स्कूल का धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया. संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने पहले मिलने से इनकार किया, लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद बाहर आकर बातचीत की. एबीवीपी ने मांग की है कि छात्रा को तत्काल दोबारा प्रवेश दिया जाए और भविष्य में उसके साथ किसी प्रकार का भेदभाव या प्रताड़ना न हो.


स्कूल प्रशासन का पक्ष

इस मामले में स्कूल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यदि स्कूल की ओर से कोई बयान जारी किया जाता है, तो उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए.

 

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