Search

 
 
 

रांची बनेगा मानसिक स्वास्थ्य का नया हब: बजट 2026-27 से बदलेगी तस्वीर

Ranchi: केंद्रीय बजट 2026-27 में मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर को प्राथमिकता दिए जाने से झारखंड में बड़े बदलाव की संभावना बन रही है. यह बजट देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नई सोच को दर्शाता है. जिसमें - तनाव, अवसाद और दुर्घटना प्रबंधन जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया है.
 

Ranchi: केंद्रीय बजट 2026-27 में मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर को प्राथमिकता दिए जाने से झारखंड में बड़े बदलाव की संभावना बन रही है. यह बजट देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नई सोच को दर्शाता है. जिसमें - तनाव, अवसाद और दुर्घटना प्रबंधन जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया है.

 

रांची स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री और रिनपास जैसे संस्थानों को रीजनल एपेक्स सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना से राज्य को बड़ी मजबूती मिल सकती है. यहां आधुनिक न्यूरोसाइंस लैब, डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, टेली साइकियाट्री और नशा मुक्ति से जुड़े नए कार्यक्रम शुरू होने की संभावना है.

 

झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रही है. ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, डॉक्टरों की कमी और सामाजिक कलंक के कारण लोग समय पर इलाज नहीं ले पाते हैं. तनाव, बेरोजगारी और सामाजिक दबाव के कारण युवाओं में मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.

 

इसके साथ ही ट्रॉमा केयर विस्तार योजना राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सड़क दुर्घटना, खनन हादसे और औद्योगिक दुर्घटनाओं के मामलों में बेहतर इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. जिला अस्पतालों में आईसीयू क्षमता बढ़ाने और आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर विकसित करने की योजना से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है.

 

ग्रामीण क्षेत्रों में टेली मेडिसिन, ऑनलाइन काउंसलिंग और मोबाइल हेल्थ यूनिट जैसी सुविधाएं शुरू होने से दूरदराज के लोगों को भी इलाज मिल सकेगा. इससे आत्महत्या रोकथाम और नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में भी सुधार की उम्मीद है. इस योजना से स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे. मनोचिकित्सक, साइकोलॉजिस्ट और मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मांग बढ़ेगी.

 

हालांकि सबसे बड़ी चुनौती योजनाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू करना होगा. यदि भर्ती, बजट उपयोग और जागरूकता अभियान सही ढंग से चलाए जाते हैं, तो झारखंड मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत केंद्र बन सकता है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही